नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 8 से 11 सितंबर तक आयोजित 14वीं राष्ट्रीय वोविनाम मार्शल आर्ट चैंपियनशिप 2025 में छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की शहीद भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी ने शानदार उपलब्धि दर्ज कराई। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की 32 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया, जिनमें से बालोद के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को कुल 22 पदक दिलाए। इनमें 6 स्वर्ण, 5 रजत और 11 कांस्य पदक शामिल हैं।
स्वर्ण पदक विजेताओं में नैतिक कुमार शर्मा, देवजीत कौशिक, अमन यादव, रागिनी, अंजू और मेघा माहेश्वरी का नाम प्रमुख रहा। वहीं रजत पदक हासिल करने वालों में आदित्य रंजन, जयकांत दिगराष्कर, विकास साहू, अयोना सराह शिबू और भुवनेश्वरी शामिल रहे। कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में अर्णव देवांगन, आदित्य भार्गव, अनिकेत कुमार, गोपाल यादव, रागिनी साहू, डिम्पल देशमुख, गुंजन साहू, चेतना साहू, प्रीति सोनकर, कुमकुम और केशव विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे।
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इस प्रतियोगिता में देशभर के 27 राज्यों से करीब 700 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विभिन्न भार वर्गों और आयु वर्गों – किड्स, सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी में खिलाड़ियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 56 वर्गों में हुई इस प्रतिस्पर्धा में फाइट मुकाबलों के साथ-साथ डेमॉन्स्ट्रेशन इवेंट भी शामिल रहे। खास बात यह रही कि बालोद से ही प्रणव राज सिंह, गोपाल यादव, रागिनी साहू और अंजू निर्णायक मंडल का हिस्सा बने।
छत्तीसगढ़ वोविनाम मार्शल आर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश देवांगन ने बताया कि सीनियर वर्ग के विजेता खिलाड़ी आगामी 1 से 8 नवंबर तक बाली (इंडोनेशिया) में होने वाली 8वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोजन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे, किंतु व्यस्तता के कारण वे मंच तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि बाद में उन्होंने अपने निवास पर भारतीय वोविनाम संघ की टीम से भेंट कर खिलाड़ियों को आशीर्वाद दिया।
शहीद भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी के संरक्षक अजय यादव ने रक्षा मंत्री के समक्ष ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, वोविनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग, चेयरमैन विष्णु सहाय और सचिव शंकर महाबले ने भी छत्तीसगढ़ की टीम की मेहनत की सराहना की। खिलाड़ियों की इस सफलता ने न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया। बालोद लौटने पर सभी खिलाड़ियों का अकादमी व बस स्टैंड में भव्य स्वागत किया गया।













