CG NEWS : भूमाफिया से मिलीभगत कर पद के दुरुपयोग का आरोप, तहसीलदार-नायब तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ SDM से शिकायत

Sanjay Sahu
CG NEWS

CG NEWS : रायपुर : रायपुर के अभनपुर क्षेत्र में राजस्व अधिकारियों पर भूमाफिया से मिलीभगत कर पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में संदीप अग्रवाल ने अभनपुर एसडीएम से लिखित शिकायत कर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग की है।

CG NEWS : शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभनपुर तहसीलदार सीता शुक्ला, नायब तहसीलदार नितिन पटेल और केंद्री हल्का पटवारी आशीष कोटवानी ने भूमाफिया से सांठगांठ कर अन्य भूमि के बैनामा के आधार पर अवैध रूप से नक्शा बटांकन का आदेश पारित किया। इस दौरान न तो विधिसम्मत नोटिस जारी किया गया और न ही प्रभावित पक्ष को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ।

CG NEWS : आवेदन में बताया गया है कि ग्राम केंद्री, तहसील अभनपुर की भूमि खसरा क्रमांक 58/32 रकबा 0.607 हेक्टेयर संदीप अग्रवाल के नाम दर्ज है, जबकि खसरा क्रमांक 58/35 रकबा 0.186 हेक्टेयर मनमीत कौर भाटिया के नाम पर दर्ज है। दोनों खसरों का मूल खसरा अलग-अलग है और पंजीकृत बैनामा व नक्शे के अनुसार संबंधित भूमि मुख्य मार्ग से सटी हुई नहीं है। इसके बावजूद आरोप है कि मनमीत कौर भाटिया द्वारा अवैध रूप से संदीप अग्रवाल की भूमि पर कब्जा कर नक्शा बटांकन आदेश प्राप्त कर लिया गया।

CG NEWS : शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हल्का पटवारी आशीष कोटवानी पिछले पांच वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और उनके कार्यकाल में वर्ष 1984 से चालू मूल नक्शा रिकॉर्ड कार्यालय से गायब है, जिससे भूमाफिया से मिलीभगत की आशंका और गहराती है।

CG NEWS : नायब तहसीलदार नितिन पटेल पर आरोप है कि उन्होंने बिना विधिक नोटिस जारी किए ही प्रकरण में पेशी तय कर दी और आपत्तियों का निराकरण किए बिना अंतिम आदेश की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी। वहीं तहसीलदार सीता शुक्ला पर राजस्व निरीक्षक के प्रतिवेदन, बैनामा नक्शा और चतुर्सीमा का समुचित अवलोकन किए बिना आदेश पारित करने का आरोप लगाया गया है।

CG NEWS : शिकायत में यह भी कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 32 और 300A का उल्लंघन है, जिससे न्याय पाने और संपत्ति के अधिकार का हनन हुआ है।

CG NEWS : आवेदक ने एसडीएम से मांग की है कि 17 सितंबर 2025 को पारित नक्शा बटांकन आदेश को पुनर्विलोकन कर निरस्त किया जाए, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाए, वर्ष 1984 से संबंधित मूल नक्शा और रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा विवादित भूमि का विधिसम्मत सीमांकन कर उन्हें वैधानिक कब्जा दिलाया जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र राजस्व अधिकारी या अपर कलेक्टर से कराने की मांग की गई है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *