Wednesday, September 9, 2026
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CG NEWS : बुरकापाल शहादत के 9 साल: 25 वीर जवानों को श्रद्धांजलि, सुकमा में बदली तस्वीर

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CG NEWS : कृष्णा नायक/सुकमा: सुकमा :- बस्तर की धरती पर कुछ कहानियां ऐसी लिखी जाती हैं। जो समय के साथ फीकी नहीं पड़तीं, बल्कि और गहरी होती चली जाती हैं। 24 अप्रैल 2017 बुरकापाल की वह काली दोपहर आज भी हर दिल को झकझोर देती है, जब सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के 25 वीर जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।

CG NEWS : आज, ठीक नौ साल बाद जब उन्हीं वीर सपूतों को याद किया गया, तो माहौल में एक अजीब सा मिश्रण था आंखों में नमी, लेकिन दिल में गर्व। 74वीं बटालियन मुख्यालय, दोरनापाल में शहीदों की स्मृति में निर्मित भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण गरिमामय समारोह के बीच किया गया। यह स्मारक केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि उन 25 बलिदानों की जीवंत पहचान है, जिन्होंने सुकमा के भविष्य की दिशा बदल दी।

CG NEWS : 2017 में बुरकापाल सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि खौफ का प्रतीक था। घने जंगलों के बीच नक्सलियों के घातक हमले में जवान चारों ओर से घिर गए थे। गोलियों की गूंज, सीमित संसाधन और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक मुकाबला किया। उस दिन 25 जवान भले ही शहीद हो गए, लेकिन उनका साहस पूरे देश के लिए मिसाल बन गया।

CG NEWS : उस दौर में सुकमा का नाम सुनते ही डर की तस्वीर उभरती थी। विकास कार्य ठप थे, ग्रामीणों में असुरक्षा थी और जवानों के लिए हर कदम चुनौती भरा था। लेकिन बुरकापाल की शहादत ने व्यवस्था को झकझोर दिया। इसके बाद सुरक्षा रणनीति बदली, नए कैंप बने, सड़क और संचार नेटवर्क मजबूत हुआ और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास तेज हुए।

CG NEWS : धीरे-धीरे तस्वीर बदलने लगी। जो इलाके कभी सन्नाटे में डूबे रहते थे, वहां अब रौनक दिखने लगी। गांवों में स्कूल खुले, सड़कों पर आवाजाही बढ़ी और युवाओं ने बंदूक के बजाय भविष्य चुनना शुरू किया। आज का सुकमा उसी बदलाव की जीती-जागती मिसाल है, जहां अब उम्मीद, विकास और विश्वास की नई कहानी लिखी जा रही है।

CG NEWS : इस अवसर पर डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित ने कहा, बुरकापाल की घटना हमारे इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसे हम कभी भूल नहीं सकते। हमारे 25 वीर जवानों का बलिदान देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह शहीद स्मारक हमें हर दिन याद दिलाएगा कि शांति की कीमत क्या होती है।

CG NEWS : उन्होंने आगे कहा कि सुकमा में जो सकारात्मक बदलाव आया है, वह जवानों के बलिदान, सुरक्षा बलों की रणनीति और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है। समारोह के बाद अधिकारी बुरकापाल घटनास्थल भी पहुंचे और वहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, आज वहां शांति और सम्मान का माहौल था।

CG NEWS : सुकमा की यह बदलती तस्वीर हमें एक सच्चाई सिखाती है शांति कभी आसानी से नहीं मिलती, इसके पीछे अनगिनत बलिदानों की गूंज होती है। बुरकापाल के वे 25 वीर आज भी इस धरती की हर सांस में जिंदा हैं ।

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