कोरबा : CG Korba Crime : कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत दादर देहान पारा गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक विवाहिता का शव उसके ही घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
CG Korba Crime : मृतका की पहचान 28 वर्षीय महिला के रूप में हुई है, जिसकी शादी चार साल पहले ग्राम दादर में हुई थी। इस दुखद घटना ने एक बार फिर समाज के उस दर्दनाक पहलू को उजागर कर दिया है, जहां महिलाओं को आज भी बच्चा न होने के कारण मानसिक यातना का शिकार बनना पड़ता है।
परिजनों का आरोप: यह आत्महत्या नहीं, सुनियोजित हत्या है
मृतका के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि महिला को कई महीनों से बच्चा न होने के चलते ससुराल पक्ष द्वारा लगातार ताने मारे जाते थे और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का दावा है कि यह प्रताड़ना धीरे-धीरे शारीरिक हिंसा में भी बदल गई, जिससे महिला अवसाद में चली गई थी। परिजनों का आरोप है कि ससुरालवालों ने पहले उसकी बुरी तरह पिटाई की और फिर हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे।
CG Korba Crime
पुलिस जांच में जुटी, तहसीलदार की मौजूदगी में लिए गए बयान
घटना की जानकारी मिलने के बाद मानिकपुर चौकी प्रभारी नवीन पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को नीचे उतारकर पंचनामा किया गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसके साथ ही तहसीलदार की मौजूदगी में मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया है। चौकी प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि “प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर हर एंगल से जांच की जा रही है, और यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
समाज में फिर उठा सवाल: क्या मां न बन पाना गुनाह है?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आज के दौर में भी महिलाओं को केवल उनकी संतानोत्पत्ति की क्षमता से क्यों आंका जाता है? क्या किसी महिला का मां न बन पाना इतना बड़ा दोष है कि उसे इसके लिए रोज़ अपमान और हिंसा झेलनी पड़े?
मृतका के परिजनों को न्याय की उम्मीद है और इलाके के लोगों की भी यही मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि किसी और बेटी के साथ ऐसा न हो।











