CG NEWS : अंबिकापुर। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड से बीती देर रात दो विचाराधीन बंदियों के फरार होने से जेल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि पिछले एक महीने के भीतर अस्पताल के इसी वार्ड से कैदियों के भागने की यह दूसरी घटना है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फरार होने वाले बंदी गंभीर मामलों के आरोपी: फरार होने वाले बंदियों में दो गंभीर मामलों के विचाराधीन कैदी शामिल हैं। सेंट्रल जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत के अनुसार, पहला आरोपी रितेश सारथी (निवासी: आंधला, लखनपुर) है, जो पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मामले में जेल में बंद था। दूसरा आरोपी पवन पाटिल (निवासी: जमडी, झिलमिली) है, जो एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामले में विचाराधीन है। दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था।
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सुरक्षा गार्ड की तैनाती के बावजूद फरार: सेंट्रल जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जेल वार्ड में कुल चार बंदी भर्ती थे और उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस गार्ड भी तैनात थे। बावजूद इसके दोनों बंदियों का देर रात पुलिस की निगरानी से बचकर फरार हो जाना जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों बंदी देर रात किसी तरह से सुरक्षाकर्मियों की नजर से बचकर भागे। घटना की जानकारी मिलते ही जेल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है।
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एक महीने में दूसरी घटना : अस्पताल के जेल वार्ड से कैदियों के भागने की यह घटना इसलिए भी ज्यादा गंभीर है, क्योंकि एक महीने के भीतर यह दूसरी बार हुआ है जब कोई विचाराधीन बंदी अस्पताल से भाग निकला है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं जेल प्रशासन की ढीली निगरानी और लापरवाही को स्पष्ट करती हैं।
पुलिस ने तत्काल दोनों फरार कैदियों की तलाश में विशेष टीम गठित कर दी है और शहर के प्रमुख मार्गों समेत आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस ने जल्द ही दोनों को पकड़ने का दावा किया है।











