Wednesday, September 30, 2026
Home Chhattisgarh Bhilai CG News: भिलाई स्टील प्लांट चोरी केस में CBI जांच, विधायक रिकेश...

CG News: भिलाई स्टील प्लांट चोरी केस में CBI जांच, विधायक रिकेश सेन का दावा- सामने आएंगे अधिकारी और बड़े चेहरे

Bhilai Steel Plant Scrap Theft: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-  भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने की मंजूरी दी है। पुलिस की कार्रवाई में अब तक 21 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है, जबकि करीब 250 टन स्क्रैप बरामद किया जा चुका है।वैशाली नगर से बीजेपी विधायक रिकेश सेन ने इस मामले को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उनके मुताबिक, सीबीआई जांच आगे बढ़ने पर चोरी के पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। विधायक ने अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच की बात कही है।

रिकेश सेन के बयान के मुताबिक, जांच का दायरा केवल गिरफ्तार किए गए लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि संयंत्र से स्क्रैप बाहर निकालने की प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई।विधायक ने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने पर ऐसे लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, जो लंबे समय से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े रहे हों। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

व्यवस्था की खामियों पर विधायक ने उठाए सवाल
विधायक सेन ने दावा किया कि चोरी का यह खेल संयंत्र की व्यवस्था में मौजूद कथित खामियों का फायदा उठाकर चलाया जा रहा था। उनके अनुसार, टेंडर की शर्तों और माल बाहर ले जाने की प्रक्रिया में ऐसी कमियां थीं, जिनका कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संयंत्र से बाहर निकलने वाले कुछ वाहनों की पर्याप्त जांच नहीं होती थी। सीआईएसएफ की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।

बिना तौल के बाहर जाने का दावा
रिकेश सेन ने धर्मकांटा पर वाहनों की तौल को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कुछ वाहनों का वजन किए बिना ही उन्हें बाहर निकलने दिया जाता था।विधायक ने दावा किया कि अगर वाहनों की नियमित तौल और जांच होती तो स्क्रैप की मात्रा और उसकी आवाजाही का रिकॉर्ड आसानी से मिल सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन पकड़े जाने के बाद केवल ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई किए जाने से चोरी पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।इन दावों की वास्तविकता अब सीबीआई जांच में सामने आने वाले रिकॉर्ड और साक्ष्यों से स्पष्ट होगी।

21 आरोपी गिरफ्तार, 250 टन स्क्रैप बरामद
मामले में पुलिस अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन चोरी का स्क्रैप बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।अब जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाने की चुनौती होगी कि बरामद माल कहां से निकाला गया, इसे बाहर ले जाने में किन लोगों की भूमिका थी और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों में क्या जानकारी दर्ज है।

सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था भी जांच के दायरे में
सीबीआई जांच में संयंत्र से स्क्रैप बाहर ले जाने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जा सकती है। इसमें परिवहन रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही, तौल से जुड़े दस्तावेज, सुरक्षा जांच और संबंधित ठेकेदारों की भूमिका जैसे पहलू महत्वपूर्ण हो सकते हैं।विधायक रिकेश सेन ने कहा है कि जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर किसी अधिकारी, ट्रांसपोर्टर या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।फिलहाल 21 गिरफ्तारियों और 250 टन स्क्रैप की बरामदगी के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। आगे सीबीआई की जांच से यह स्पष्ट होगा कि चोरी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here