CEA Nageswaran AI Warning : नई दिल्ली : भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। उन्होंने आगाह किया कि यदि भारत ने तकनीक को रोजगार के साथ नहीं जोड़ा, तो देश अपने जनसांख्यिकीय लाभ (Demographic Dividend) को गंवा सकता है।
प्रमुख चिंताएं और चुनौतियां
नागेश्वरन ने समिट के दौरान ‘AI के युग में रोजगार का भविष्य’ विषय पर चर्चा करते हुए तीन बड़े जोखिम गिनाए:
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असमानता में वृद्धि: सबसे बड़े तकनीकी बदलाव के समय भारत में आर्थिक असमानता बढ़ने का खतरा है।
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रोजगार विस्थापन: यदि कौशल विकास (Skilling) की तुलना में AI तेजी से नौकरियां घटाता है, तो यह अस्थिरता पैदा करेगा।
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कम रोजगार लोच (Employment Elasticity): यदि उत्पादकता तो बढ़ती है लेकिन उसके अनुपात में नौकरियां नहीं बढ़तीं, तो आर्थिक सुधार बेमानी होंगे।
आईटी सेक्टर और शेयर बाजार पर असर
नागेश्वरन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वैश्विक स्तर पर छंटनी का दौर जारी है:
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Microsoft ने जुलाई 2025 में 9,000 कर्मियों को निकाला।
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TCS ने पुनर्गठन के नाम पर 12,000 से अधिक कर्मचारियों की कटौती की घोषणा की।
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हाल ही में Anthropic द्वारा ‘Claude’ बॉट के लिए लीगल प्लगइन लॉन्च करने के बाद भारतीय आईटी इंडेक्स (Nifty IT) में 15% की भारी गिरावट देखी गई है।
समाधान का रास्ता: ‘रिलेसंटलेस एक्जीक्यूशन’
नागेश्वरन ने कहा कि भारत को हर साल 80 लाख (8 मिलियन) गरिमामय नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए कुछ ठोस सुझाव दिए:
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शिक्षा प्रणाली में सुधार: रटने वाली शिक्षा के बजाय बुनियादी कौशल (Foundational Skills) पर जोर।
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लेबर-इंटेंसिव सेक्टर: श्रम प्रधान सेवा क्षेत्रों का विस्तार और नियामक बाधाओं को हटाना।
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कैलिब्रेटेड एआई: तकनीक को बिना सोचे-समझे लागू करने के बजाय एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना।













