Burhanpur Crop Damage : बुरहानपुर (गोपाल देवकर)। बुरहानपुर जिले में पिछले दिनों आए भीषण आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लहलहाती गेहूं, मक्का, चना और केले की फसलें पूरी तरह जमीन पर बिछ गई हैं। किसानों के इसी दर्द को साझा करने और नुकसान का वास्तविक जायजा लेने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटील आज प्रशासनिक अमले के साथ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे।
खेतों में दिखी बर्बादी की तस्वीर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने ग्राम पातोंडा, बिरोदा और भोलाना का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान खेतों की स्थिति देखकर किसानों की बेबसी साफ झलक रही थी। किसानों ने सांसद को बताया कि प्राकृतिक आपदा ने उनकी साल भर की जमा-पूंजी और मेहनत को मिट्टी में मिला दिया है। कर्ज लेकर बोई गई फसलें अब मवेशियों के चारे के लायक भी नहीं बची हैं। किसानों ने दो टूक शब्दों में मांग की कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल आर्थिक सहायता चाहिए।
“डबल इंजन की सरकार आपके साथ” सांसद ने प्रभावित किसानों से सीधे संवाद करते हुए ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा, “किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। संकट की इस घड़ी में डबल इंजन की भाजपा सरकार पूरी तरह आपके साथ खड़ी है। मैंने स्वयं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी से चर्चा कर उन्हें बुरहानपुर के नुकसान की जानकारी दे दी है।”
अधिकारियों को सख्त हिदायत सांसद ने मौके पर मौजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे का कार्य युद्धस्तर पर और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे में किसी भी पात्र किसान का नाम नहीं छूटना चाहिए और वास्तविक नुकसान का सही आकलन पोर्टल पर दर्ज हो। सांसद ने चेतावनी दी कि सर्वे में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सांसद के इस दौरे से प्रभावित किसानों में उम्मीद की किरण जागी है। अब सबकी नजरें राजस्व विभाग की सर्वे रिपोर्ट और शासन से मिलने वाली राहत राशि पर टिकी हैं।













