Burhanpur Cooperative Society Scam : बुरहानपुर : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बिरोदा ग्राम स्थित प्राथमिक सेवा सहकारी समिति में 85 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि तत्कालीन समिति प्रबंधक संतोष महाजन ने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2022 से 2025 के बीच किसानों की बचत राशि में भारी हेराफेरी की। मामला सामने आने के बाद से आरोपी प्रबंधक फरार है।
ऑडिट रिपोर्ट में हुआ ‘महाघोटाले’ का खुलासा
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब नवंबर 2025 में नए समिति प्रबंधक कनिष्क भालसे ने पदभार संभाला। रिकॉर्ड के मिलान और ऑडिट के दौरान पाया गया कि किसानों के खातों से जमा राशि धीरे-धीरे गायब की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 85 लाख रुपये की राशि का कोई हिसाब नहीं मिला। नवागत प्रबंधक भालसे ने बताया कि रिकॉर्ड में भारी अनियमितता मिलने के बाद उच्च अधिकारियों को इसकी लिखित सूचना दे दी गई है।
फरार है आरोपी प्रबंधक, अधिकारियों के फोन नहीं उठा रहा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पूर्व प्रबंधक संतोष महाजन पिछले 20 दिनों से समिति से गायब है। वरिष्ठ अधिकारी जब उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि तीन साल तक चलते रहे इतने बड़े गबन की भनक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं लगी? क्या ऑडिट प्रक्रिया में जानबूझकर ढिलाई बरती गई?
मामले को दबाने की कोशिश?
हैरानी की बात यह है कि जहाँ रिकॉर्ड 85 लाख की हेराफेरी बता रहे हैं, वहीं कृषि विकास शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक अशोक चौधरी इसे 40 से 50 लाख का मामला बता रहे हैं। उनके इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि मामले की गंभीरता को कम करने या इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि जांच दल गठित कर दिया गया है और यदि राशि की वसूली नहीं होती है, तो आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
“मैंने पदभार ग्रहण करने के बाद जब रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कराई, तो लगभग 85 लाख रुपये की बड़ी अनियमितता सामने आई। इसकी जानकारी मुख्यालय भेज दी गई है।”
— कनिष्क भालसे, नवागत प्रबंधक
“जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी और किसानों के पैसे की वसूली सुनिश्चित होगी।”
— अशोक चौधरी, वरिष्ठ कृषि शाखा प्रबंधक











