नई दिल्ली : अगर आप भी अब तक इनकम टैक्स की सख्ती, स्क्रूटनी और जेल के डर से परेशान रहते थे, तो वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट आपके लिए राहत लेकर आया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ संकेत दिया है कि सरकार अब टैक्सपेयर्स को डराने की बजाय उन पर भरोसा करने की नीति अपनाएगी।
टैक्स छिपाने पर अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना
बजट का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला इनकम टैक्स कानून का डिक्रिमिनलाइजेशन है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अब आय छिपाने या टैक्स में गड़बड़ी पाए जाने पर जेल की सजा नहीं दी जाएगी।
ऐसे मामलों में करदाता को केवल पेनल्टी (जुर्माना) भरना होगा। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट का हिस्सा होगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल बनाना है।
इसके साथ ही विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों को भी राहत दी गई है। वे 6 महीने के भीतर डिस्क्लोजर स्कीम के तहत अपनी संपत्ति घोषित कर सकते हैं।
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विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज पर बड़ी राहत
बजट में आम आदमी की जेब का खास ख्याल रखा गया है। अब विदेशी टूर पैकेज, विदेश में पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पर लगने वाला TCS घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है। पहले यह दर 5% से 20% तक थी, जिससे लोगों का बजट बिगड़ जाता था।
ITR फाइलिंग में गलती सुधारना हुआ आसान
अब रिटर्न फाइल करते समय हुई गलती को सुधारना मुश्किल नहीं होगा। सरकार ने रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है, जिसमें केवल नाममात्र शुल्क लगेगा।
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ITR-1 और ITR-2: 31 जुलाई तक
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नॉन-ऑडिट बिजनेस और ट्रस्ट: 31 अगस्त तक
इसके अलावा, Lower/Nil TDS सर्टिफिकेट की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑटोमेटेड होगी।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान
अब किसी NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर खरीदार को TAN नंबर लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे आम लोगों की बड़ी परेशानी खत्म हो गई है।
साथ ही, Form 15G/15H की प्रक्रिया भी सरल की गई है, जिसे अब डिपॉजिटरी सीधे कंपनियों तक भेजेंगी।
भरोसे पर आधारित टैक्स सिस्टम की ओर कदम
बजट 2026-27 यह साफ संदेश देता है कि सरकार अब टैक्सपेयर्स को साझेदार मानकर आगे बढ़ना चाहती है, न कि अपराधी।











