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C.G News : धान खरीदी सिस्टम फेल? बिना वेतन हटाए 140 ऑपरेटर, अब भटक रहे न्याय के लिए… क्या सरकार खेल रही युवाओं के भविष्य से ?

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रायपुर : बिलासपुर जिले में धान खरीदी सीजन शुरू होते ही वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर 140 कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई, लेकिन सिर्फ 15 दिन काम लेने के बाद बिना सूचना सभी को अचानक हटा दिया गया। न कोई वेतन दिया गया और न ही कंपनी की ओर से टेंडर निरस्त होने की आधिकारिक जानकारी। अब वे युवा, जिन्होंने अपनी पूर्व नौकरी छोड़कर यहां जॉइन किया था, पूरी तरह बेरोजगार हो चुके हैं।

15 दिन काम, फिर चुपचाप बर्खास्तगी – धान खरीदी व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
12 नवंबर को बिलासपुर में BOMBAY INTEGRATED SECURITY (IN) LTD. ने 140 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्त किया था। सभी को भरोसा दिया गया था कि धान खरीदी अवधि तक उन्हें कम से कम छह महीने का स्थायी काम मिलेगा, लेकिन 15 दिन बाद एकतरफा फैसला लेते हुए सभी को हटा दिया गया।इस बाबत ऑपरेटरों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से धान खरीदी प्रबंधन की कमजोर मॉनिटरिंग और जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।

“ना वेतन, ना नोटिस” — युवाओं ने पूछा, क्या यही है सरकार की रोजगार नीति?
इन कर्मचारियों का आरोप है कि BIS कंपनी का टेंडर निरस्त हुआ, लेकिन किसी कर्मचारी को इसकी एक लाइन की सूचना तक नहीं दी गई।15 दिन की मेहनत का भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया।ऑपरेटर कुणाल सांडे ने कहा:“सरकार की नोटिफिकेशन देखकर पुरानी नौकरी छोड़ी थी। लेकिन बिना बताये निकाल दिया गया। क्या युवाओं का समय और भविष्य की कोई कीमत नहीं?”वही एक अन्य ऑपरेटर निखिल पांडे ने कहा-“हम पर लोन है, परिवार है, लेकिन वेतन तक नहीं दिया। अब रोजगार भी नहीं है। इतनी बड़ी अव्यवस्था का जिम्मेदार कौन है?”

धान खरीदी प्रबंधन में गड़बड़ी — युवाओं ने उठाए सरकार से तीखे सवाल

  • क्यों बिना नोटिस ऑपरेटरों को हटाया गया?
  • टेंडर निरस्त होने पर कर्मचारियों को जानकारी क्यों नहीं दी गई?
  • धान खरीदी जैसी बड़ी प्रक्रिया में इतनी लापरवाही कैसे संभव है?
  • क्या युवाओं को सिर्फ संख्या माना जाता है, अधिकार नहीं?

तीन सूत्रीय मांगें — न्याय की उम्मीद में युवा

140 ऑपरेटरों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है:

  • सभी के लिए वैकल्पिक रोजगार की तुरंत व्यवस्था
  • टेंडर निरस्तीकरण की जांच
  • पूरे छह महीने का मुआवज़ा / वेतन जारी किया जाए

इन युवाओं ने अब यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे।

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