बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल मोर्चे पर अहम सफलता मिली है। 5 फरवरी को DVCM और ACM स्तर के उग्रवादियों सहित कुल 12 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सभी नक्सली सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दो वाहनों में सवार होकर बीजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां औपचारिक रूप से सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई।
शीर्ष कैडर के उग्रवादी भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के कई सक्रिय और महत्वपूर्ण सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें सोमडु मड़कम (DVCM) शामिल है, जो AK-47 लेकर चलता था। इसके अलावा चमन लाल उर्फ छोटू (ACM) और सन्ना माड़वी जैसे नक्सली भी शामिल हैं, जिनके पास SLR राइफल थी। इनकी सक्रियता सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से चुनौती बनी हुई थी।
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पुनर्वास नीति का दिखा असर
लगातार चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों, विकास कार्यों और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सलियों के आत्मसमर्पण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि मुख्यधारा में लौटने वालों को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा उपलब्ध कराकर हिंसा के दायरे को कम किया जा सकता है।
बस्तर में शांति की दिशा में संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि शीर्ष स्तर के कैडर का आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के मनोबल पर असर डालता है। बीजापुर जैसी संवेदनशील जगह पर एक साथ 12 नक्सलियों का सरेंडर होना क्षेत्र में बदलते हालात और शांति प्रक्रिया की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
आगे भी जारी रहेंगे अभियान
सुरक्षाबलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल उन्मूलन के लिए अभियान लगातार जारी रहेंगे। साथ ही आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि स्थायी शांति सुनिश्चित हो सके।













