HomeMadhya PradeshBhopalभोपाल में बीयर और विदेशी शराब की रिकॉर्ड डिमांड, देशी शराब की...

भोपाल में बीयर और विदेशी शराब की रिकॉर्ड डिमांड, देशी शराब की खपत घटी

Date:

Related stories

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब की खपत को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। बीते एक साल में शहर के लोगों ने करीब ₹1800 करोड़ की शराब का सेवन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹500 करोड़ अधिक है। इससे साफ संकेत मिलता है कि राजधानी में शराब की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर बीयर और विदेशी शराब की खपत में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है।

देशी शराब की खपत में गिरावट, विदेशी में बढ़ोतरी

आंकड़ों के अनुसार जहां देशी शराब की खपत में करीब 61% की कमी आई है, वहीं विदेशी शराब की मांग लगभग 55% बढ़ गई है। यह बदलाव शहर की बदलती जीवनशैली, बढ़ती आय और प्रीमियम उत्पादों की ओर झुकाव को दर्शाता है। युवाओं और कामकाजी वर्ग में बीयर तथा ब्रांडेड ड्रिंक्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

Read More : भोपाल : जेपी अस्पताल में मार्च से शुरू होगी हाईटेक फिजियोथैरेपी सुविधा. आधुनिक मशीनें होंगी स्थापित

एक साल में बिक्री ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच भोपाल में शराब की कुल बिक्री लगभग ₹1300 करोड़ रही थी। वहीं 1 अप्रैल 2025 से अब तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब ₹1800 करोड़ पहुंच गया है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने आबकारी विभाग और बाजार विश्लेषकों दोनों का ध्यान खींचा है।

राजस्व में वृद्धि से सरकार को लाभ

शराब बिक्री में वृद्धि का सीधा असर राज्य सरकार के राजस्व पर भी पड़ा है। आबकारी से होने वाली आय बढ़ने से सरकार को विकास योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च करने के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलते हैं। हालांकि विशेषज्ञ सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर संतुलित नीति की आवश्यकता भी बता रहे हैं।

बदलती उपभोग संस्कृति का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण, सामाजिक आयोजनों की बढ़ती संख्या और ब्रांडेड उत्पादों की उपलब्धता ने उपभोग पैटर्न को प्रभावित किया है। बीयर को अपेक्षाकृत हल्का पेय मानकर इसकी मांग अधिक बढ़ी है, खासकर गर्म मौसम में।

भोपाल में शराब बिक्री के ये आंकड़े केवल आर्थिक गतिविधि ही नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की भी ओर इशारा करते हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़ती खपत के साथ स्वास्थ्य जागरूकता और नियंत्रण नीतियां किस तरह संतुलन बनाती हैं।

Share The News

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here