पटना : बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार की महिला रोजगार योजना अब राजनीतिक विवादों में घिर गई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया था, लेकिन आरोप है कि बड़ी संख्या में यह रकम महिलाओं की जगह पुरुषों के खातों में ट्रांसफर हो गई।
RJD का आरोप: चुनावी जल्दबाजी में हुई भारी चूक
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मामले को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि चुनावी फायदे के लिए बिना पर्याप्त जांच के योजना लागू की गई, जिससे तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। RJD ने आरोप लगाया कि सरकार अब जिन पुरुषों के खातों में पैसे गए हैं, उनसे पत्र लिखकर रकम वापस मांग रही है।
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बिहार में एनडीए नेताओं और अधिकारियों को रिश्वत देकर वोट खरीदने और सत्ता पाने की इतनी हड़बड़ी थी कि बेचारे भयंकर गड़बड़ी कर बैठे। बेचैनी और असुरक्षा इतनी ज्यादा थी कि महिलाओं की बजाय 10,000 रुपए पुरुषों के खाते में भेज दिए।
अब पुरुषों को दस हजार रुपए लौटाने के लिए लव लेटर लिखे… pic.twitter.com/DTqdMU5ohO
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) December 13, 2025
‘गरीबी में खर्च हो चुका पैसा, कैसे लौटेगा?’
RJD नेताओं का कहना है कि बिहार में महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और भुखमरी जैसी समस्याएं पहले से मौजूद हैं। ऐसे में जिन लोगों के खातों में अचानक 10 हजार रुपये आए, उन्होंने यह रकम रोजमर्रा की जरूरतों में खर्च कर दी होगी। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार पैसा वापस मांग रही है, लेकिन लोगों को उनका वोट तो वापस नहीं मिलेगा।
वोट खरीदी और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
RJD ने पूरे मामले को वोट खरीदी, धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से जोड़ते हुए कहा कि सच्चाई चाहे जितनी छिपाई जाए, अंततः सामने आएगी। विपक्ष ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की सफाई: तकनीकी त्रुटि बताई वजह
वहीं प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है। अधिकारियों के अनुसार, जीविका समूहों में महिला और पुरुष दोनों सदस्य शामिल हैं। कुछ मामलों में बैंक खाते का विवरण एक ही कॉलम में दर्ज होने के कारण तकनीकी त्रुटि हुई, जिससे राशि पुरुष दिव्यांग सदस्यों के खातों में चली गई।
जांच के बाद 15 खाताधारकों को पत्र जारी कर राशि लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि एक व्यक्ति ने रकम वापस कर दी है, जबकि बाकी से वसूली की प्रक्रिया जारी है।
चुनावी साल में योजना पर बढ़ेगी राजनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी वर्ष में इस तरह की योजनाओं में हुई चूक सरकार के लिए बड़ा नुकसान बन सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।











