Bihar Elections : पटना, बिहार: बिहार चुनाव के बीच लालू परिवार की अंदरूनी कलह अब खुलकर राजनीतिक मैदान में आ गई है। बड़े भाई तेज प्रताप यादव की लगातार बगावत के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने एक चौंकाने वाला और बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। आरजेडी ने सारण जिले की परसा विधानसभा सीट से तेज प्रताप यादव की चचेरी साली डॉ. करिश्मा राय को उम्मीदवार बनाया है।
Bihar Elections : पेशे से डेंटिस्ट करिश्मा राय बिहार के पूर्व सीएम दारोगा राय की पोती और तेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या राय की चचेरी बहन हैं।
तेजस्वी ने एक तीर से साधे कई निशान:
तेजस्वी यादव का यह फैसला एक साथ कई राजनीतिक समीकरणों को साधता है और परिवार के भीतर चल रहे विवाद पर एक सख्त संदेश देता है:
- तेज प्रताप को संदेश: यह फैसला बड़े भाई तेज प्रताप यादव को सीधा संदेश है कि आरजेडी अब उन लोगों से दूरी नहीं रखेगा जिनसे उनके निजी विवाद (ऐश्वर्या राय से अलगाव) के चलते 2020 में दूरी बनाई गई थी।
- चंद्रिका राय का सियासी खेल बिगाड़ा: तेजस्वी ने करिश्मा राय को उतारकर ऐश्वर्या राय के पिता चंद्रिका राय (जो तेज प्रताप से विवाद के बाद राजद छोड़कर जदयू में शामिल हुए थे) का सियासी खेल बिगाड़ दिया है। चंद्रिका राय का जदयू से टिकट कट चुका है, और तेजस्वी ने उनके ही परिवार से उम्मीदवार देकर उनकी सहानुभूति बटोरने की कोशिशों को खत्म कर दिया है।
- पारिवारिक समर्थन की उम्मीद: चूंकि करिश्मा राय चचेरी भतीजी हैं, इसलिए चुनाव प्रचार के दौरान यदि वह अपने चाचा चंद्रिका राय के पास आशीर्वाद लेने पहुंचती हैं, तो उन्हें पारिवारिक समर्थन मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
परसा सीट का समीकरण बदला:
परसा सीट पर जदयू ने चंद्रिका राय का टिकट काटकर वर्तमान राजद विधायक छोटेलाल राय को कैंडिडेट बनाया है (जो हाल ही में जदयू में शामिल हुए हैं)। अब करिश्मा राय के आने से यहां का जातीय समीकरण और रोचक हो गया है। इस हिंदू-बहुल सीट पर यादव और मुस्लिम (M-Y) के साथ-साथ कुशवाहा और दलित मतदाताओं की बड़ी संख्या है, जो निर्णायक भूमिका निभाती है।
तेजस्वी के इस कदम को लालू परिवार की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक मंच पर साधने और पार्टी हित में बड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।











