Bihar elections : नई दिल्ली/पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अब नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। एनडीए गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा होने के बावजूद, एक बार फिर नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपना तय है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कल (सोमवार) को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें नीतीश कुमार को विधिवत नेता चुना जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सीएम नीतीश कुमार 17 नवंबर को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। सीएम हाउस के सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार 20 नवंबर को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
Bihar elections : मंत्रिमंडल में बढ़ा JDU का कद, LJP(R) की होगी एंट्री
2025 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन सरकार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU का कद बढ़ना तय माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इस बार मंत्रिमंडल में लगभग 30-32 मंत्री हो सकते हैं, जिसमें सबसे अहम बात यह है कि JDU और BJP के बीच बराबर-बराबर मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस बार नई सरकार में चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP(R)) की भी आधिकारिक तौर पर एंट्री होगी। LJP(R) को 3 मंत्री पद, जबकि जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है।
Bihar elections : डिप्टी सीएम की रेस में नया समीकरण
पिछली बार दो डिप्टी सीएम की परंपरा शुरू करने वाली भाजपा एक बार फिर दो उपमुख्यमंत्रियों पर विचार कर रही है, लेकिन इस बार डिप्टी सीएम पद पर LJP(R) भी दबी जुबान में दावेदारी कर रही है। डिप्टी सीएम की रेस में भाजपा से सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव और मंगल पांडे के नाम चर्चा में हैं। वहीं, भाजपा अपने मौजूदा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को रिप्लेस कर सकती है। इसके अलावा, मंगल पांडेय और रजनीश कुमार के नाम पर भी विचार चल रहा है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति के बाद भाजपा आलाकमान ही करेगा।
भाजपा में ‘एमपी-राजस्थान प्रयोग’ की आहट
सूत्रों की मानें तो भाजपा बिहार के नए मंत्रिमंडल में भी मध्य प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर चौंकाने वाले प्रयोग कर सकती है। इन राज्यों में पूरी तरह से नए चेहरों को मौका दिया गया था, और बिहार में भी पुराने व दिग्गज नेताओं की छुट्टी कर नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है, ताकि जातियों के समीकरण का भी ध्यान रखा जा सके। वहीं, JDU अपने कोटे के मंत्रियों में बड़ा बदलाव करने के मूड में नहीं है और पिछली सरकार के 13 मंत्रियों में से 10 को नई सरकार में फिर से मौका मिल सकता है।
स्पीकर पद पर भी भाजपा की नजर, विजय सिन्हा रेस में
पिछली बार की तरह इस बार भी विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद भाजपा अपने पास रख सकती है। सूत्रों के मुताबिक, विजय सिन्हा को डिप्टी सीएम न बनाकर उन्हें स्पीकर बनाया जा सकता है। 2020 के चुनाव में नंबर बढ़ने के बाद भाजपा ने यह पद अपने हिस्से में ले लिया था, जबकि 2010 तक यह पद JDU के पास रहता था। विधान परिषद के सभापति का पद पहले से ही भाजपा कोटे में है। विजय सिन्हा को मंत्री या स्पीकर, कोई न कोई बड़ा पद मिलना तय माना जा रहा है।
जल्द शपथ ग्रहण की तैयारी
गठबंधन के नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है। शनिवार रात जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने दिल्ली पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की। नई सरकार 18 से 20 नवंबर के बीच शपथ ले सकती है। चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा ने भी नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद स्पष्ट किया है कि नीतीश कुमार ही अगले मुख्यमंत्री होंगे।











