भोपाल। Bhopal News : केंद्र सरकार के जीएसटी स्लैब घटाने और जागरूकता अभियान पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बिहार चुनाव नजदीक हैं और बीजेपी की हालत खराब है, इसलिए इस तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम कम करने पर अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता अब सबक सिखाने के मूड में है—पहले बिहार में और फिर देशभर में।
इधर, कांग्रेस के आरोपों पर सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमेशा टांग अड़ाना आता है। जीएसटी दरें कम होने के बावजूद कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के हित में काम कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस इसे पचा नहीं पा रही है।
इस बीच, नवरात्रि के पहले दिन मध्यप्रदेश के 25 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब बिजली 22 पैसे प्रति यूनिट सस्ती होगी। औसतन 300 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं को हर महीने करीब 66 रुपए की बचत होगी। यह राहत केंद्र सरकार के जीएसटी-2 फैसले से संभव हुई है। पहले कोयले पर 5% जीएसटी और 400 रुपए प्रति टन कंपनसेशन टैक्स लगता था, अब सरकार ने जीएसटी को 18% कर दिया है और बाकी टैक्स हटा दिए हैं।
हालाँकि कांग्रेस ने इस फैसले को भी नाकाफी बताया है। पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा—“यह ऊंट के मुंह में जीरा है। सरकार 66 रुपए की राहत दिखा रही है, जबकि स्मार्ट मीटर से बिल आसमान छू रहे हैं और सरचार्ज के नाम पर मनमानी जारी है। कुल मिलाकर बिलों में करंट है, लाइन में करंट नहीं है। आने वाले दिनों में कांग्रेस आंदोलन करेगी।”











