भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। इस बार ठगों ने नगर निगम कमिश्नर और वरिष्ठ IAS अधिकारी संस्कृति जैन के नाम और फोटो का दुरुपयोग करते हुए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी का प्रयास किया। मामले में सहायक यंत्री विजय गोयल को संदिग्ध अकाउंट से तीन मैसेज भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में सतर्कता बढ़ गई है।
फर्जी प्रोफाइल बनाकर संपर्क की कोशिश
जानकारी के अनुसार ठगों ने संस्कृति जैन की प्रोफाइल फोटो और नाम का उपयोग कर नकली अकाउंट तैयार किया और विभागीय अधिकारी से संपर्क साधने की कोशिश की। शुरुआती स्तर पर यह मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद इसकी पुष्टि की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। समय रहते सतर्कता बरतने से संभावित आर्थिक ठगी टल गई।
चार महीने में दूसरी घटना
यह पहली बार नहीं है जब कमिश्नर संस्कृति जैन के नाम का दुरुपयोग हुआ हो। इससे पहले 7 नवंबर 2025 को भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें ठगों ने उनके नाम से लोगों को संदेश भेजकर पैसे मांगने की कोशिश की थी। लगातार दूसरी बार हुई इस घटना ने साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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बढ़ते साइबर अपराध से चिंता
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब सरकारी अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों में आम लोगों और कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया अकाउंट की पुष्टि किए बिना आर्थिक लेन-देन नहीं करना चाहिए।
सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से पैसे मांगने या संदिग्ध संदेश प्राप्त हों, तो तुरंत संबंधित विभाग या साइबर क्राइम शाखा को सूचना दें। जागरूकता और सावधानी ही इस तरह के साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।













