भोपाल। राजधानी भोपाल में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भोपाल नगर निगम (BMC) ने एक महत्वपूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल पहल की है। नगर निगम शहर में 15 इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) स्वीपिंग मशीनें तैनात करने जा रहा है, जिससे सड़क पर उड़ने वाली धूल पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। इस योजना के लागू होने से शहर के प्रदूषण स्तर में करीब 30 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है।
सड़क की धूल से फैलता है 40% प्रदूषण
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में वायु प्रदूषण के लिए लगभग 40 प्रतिशत तक जिम्मेदार सड़क पर उड़ने वाली धूल है। वाहनों की आवाजाही और पारंपरिक सफाई व्यवस्था के कारण धूल वातावरण में फैलती है, जिससे पीएम 10 और पीएम 2.5 जैसे हानिकारक कणों का स्तर बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने आधुनिक तकनीक से लैस ईवी स्वीपिंग मशीनों को अपनाने का निर्णय लिया है।
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ईवी स्वीपिंग मशीनों से बदलेगी सफाई व्यवस्था
नई ईवी स्वीपिंग मशीनें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे डीजल या पेट्रोल से होने वाला धुआं समाप्त हो जाएगा। ये मशीनें सड़कों की सफाई के साथ-साथ धूल को वैक्यूम सिस्टम के जरिए सीधे संग्रहित करेंगी, जिससे दोबारा हवा में उड़ने की संभावना नहीं रहेगी। इससे पर्यावरण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
निजी कंपनी करेगी संचालन
इस परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी जाएगी। वहीं, भोपाल नगर निगम इस योजना की कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करेगा, जबकि शेष राशि निजी भागीदारी के तहत जुटाई जाएगी। यह मॉडल न केवल नगर निगम के आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक के कुशल संचालन को भी सुनिश्चित करेगा।
ग्रीन भोपाल की दिशा में अहम कदम
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि यह पहल स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भोपाल की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। आने वाले समय में यदि यह योजना सफल रहती है, तो ईवी स्वीपिंग मशीनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
नागरिकों को मिलेगा स्वच्छ वातावरण
इस नवाचार से शहर की सड़कों की सफाई बेहतर होगी, हवा की गुणवत्ता सुधरेगी और नागरिकों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण मिलेगा। भोपाल नगर निगम की यह पहल अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।











