भोपाल : भोपाल में सामने आए गोमांस मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। इस केस में नगर निगम की महापौर मालती राय की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि स्लॉटर हाउस को नियमों के खिलाफ चालू कराने में महापौर, एमआईसी सदस्यों और निगम अधिकारियों की अहम भूमिका रही।
टेंडर शर्तों का खुला उल्लंघन
सूत्रों के अनुसार आरोपी असलम कुरैशी को दिया गया स्लॉटर हाउस का ठेका टेंडर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित किया गया। इसके बावजूद अब तक न तो टेंडर निरस्त किया गया है और न ही ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है।

आरोपी असलम के राजनीतिक कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी असलम कुरैशी के कई राजनीतिक कनेक्शन हैं। वह विभिन्न दलों के नेताओं के संपर्क में रहा है और खुद को प्रभावशाली लोगों का करीबी बताता रहा है। इन्हीं राजनीतिक संबंधों के चलते कार्रवाई में ढिलाई के आरोप लगाए जा रहे हैं।
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निगम प्रशासन की चुप्पी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोमांस जैसे संवेदनशील मामले में भी नगर निगम प्रशासन अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठा पाया। न तो संबंधित टेंडर को रद्द किया गया और न ही अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।
राजनीतिक घमासान तेज
मामले के सामने आने के बाद विपक्ष ने महापौर मालती राय पर संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज होती जा रही है।













