भोपाल: मध्य प्रदेश में 10 फरवरी से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। राज्य के सरकारी स्कूलों में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने और परीक्षा सुचारू रूप से संचालित कराने के लिए 3,000 शिक्षकों को विशेष ड्यूटी पर बुलाया गया है।
एसआईआर लिस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण
प्रशासन ने एसआईआर (Special Intensive Review) लिस्ट के तहत शिक्षकों को लगाया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी देने वाले शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य क्षमता का विशेष गहन पुनरीक्षण करना है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।
प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए कड़ी तैयारी
प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को लेकर विभाग ने डबल पैकिंग प्रणाली लागू की है। पहले जिले के समन्वयक संस्थाओं को केंद्रवार बॉक्स में प्रश्न पत्र दिए जाएंगे, जिनके अंदर तिथि-वार सील्ड बॉक्स रखे जाएंगे। इसके बाद ये बॉक्स संबंधित परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्षों को वितरित किए जाएंगे। परीक्षा के दिन, प्रश्न पत्र के पैकेट केवल कक्षा में ही खोले जाएंगे, और यह पूरी प्रक्रिया कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में संपन्न होगी।
शिक्षकों का सम्मान
परीक्षा की तैयारी में लगे कई शिक्षकों को मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की ओर से समयमान और वेतनमान के आदेशों के अनुसार सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शिक्षकों का सम्मान करेंगे।
विद्यार्थियों और कुलीन आंकड़े
इस वर्ष लगभग 16 लाख विद्यार्थी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
संगठनों का विरोध
कुछ शिक्षक संगठन और अन्य निकाय इस आयोजन के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि अत्यधिक ड्यूटी और समयबद्ध कार्यभार शिक्षक समुदाय पर दबाव डाल सकता है।









