Bhojshala Dispute: भोजशाला विवाद को लेकर मध्यप्रदेश के धार जिले में शुक्रवार को माहौल पूरी तरह संवेदनशील बना हुआ है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद यह पहला शुक्रवार है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है। हिंदू पक्ष द्वारा परिसर में दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच महाआरती आयोजित करने की घोषणा की गई है, जिसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मौजूदा भोजशाला विवाद के मद्देनजर प्रशासन ने धार शहर को सुरक्षा घेरे में बदल दिया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 2 हजार से ज्यादा पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। शहर के संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले लोगों की जांच भी की जा रही है।प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील कर रही है।
ड्रोन और CCTV से रखी जा रही नजर
बढ़ते भोजशाला विवाद के बीच प्रशासन तकनीकी निगरानी का भी सहारा ले रहा है। पूरे इलाके में ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कोई भ्रामक या भड़काऊ सामग्री वायरल न हो सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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भोज उत्सव समिति ने रद्द की कलश यात्रा
पहले भोजशाला विवाद के बीच भोज उत्सव समिति द्वारा कलश यात्रा निकाले जाने की तैयारी की गई थी। हालांकि बाद में इसे रद्द कर दिया गया। माना जा रहा है कि प्रशासनिक सलाह और सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह फैसला लिया गया।इसके बावजूद महाआरती कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है और बड़ी भीड़ जुटने की संभावना से प्रशासन लगातार सतर्क बना हुआ है।
एसपी सचिन शर्मा की सख्त चेतावनी
धार में बढ़ती संवेदनशीलता के बीच भोजशाला विवाद को लेकर धार एसपी सचिन शर्मा और कलेक्टर राजीव रंजन मीना के नेतृत्व में बड़ा फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान आम लोगों को शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया गया।फ्लैग मार्च के दौरान एसपी सचिन शर्मा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग हाई कोर्ट के फैसले का गलत तरीके से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक समझाइश दी जा रही थी, लेकिन अब कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
“अब कानून का शासन होगा”
एसपी ने कहा कि मौजूदा भोजशाला विवाद को लेकर यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने या नियम तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अब कानून का शासन होगा” और प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पूरे प्रदेश की नजर धार पर
हाई कोर्ट के फैसले के बाद बढ़े भोजशाला विवाद ने पूरे मध्यप्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। शुक्रवार को होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है।अधिकारियों का मानना है कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।









