रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और वापसी को लेकर भाजपा सरकार की कार्रवाई पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर बांग्लाभाषियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी, जिस पर अब छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार किया है।
डिप्टी सीएम शर्मा ने ममता बनर्जी के बयान को “देश की डेमोग्राफी बदलने” की विपक्षी पार्टियों की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि फर्जी आधार कार्ड बनवाकर लोग पश्चिम बंगाल से छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, और उनके बोलने के लहजे व एक्सेंट से उनकी पहचान स्पष्ट हो जाती है, साथ ही वे पूछने पर अपना गाँव या जन्म स्थान भी नहीं बता पाते हैं।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से ठीक पहले कोलकाता में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी के बंगाल दौरे से पहले यह आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि देशभर में पश्चिम बंगाल के मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्होंने “बंगालियों के प्रति केंद्र और भाजपा के रवैए से निराश और शर्मिंदा” होने की बात कही थी। ममता बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें डिटेंशन कैंप में बंद करके दिखाएं, और चेतावनी दी थी कि अगर बांग्लाभाषियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो भाजपा को गंभीर राजनीतिक नतीजे भुगतने होंगे।













