Barwani Water Crisis : बड़वानी। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही बड़वानी शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 5 से 7 दिनों से शहर के अधिकांश वार्डों में नलों से पानी नहीं टपका है, जिसके चलते नागरिकों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए मोहल्लों में भटक रहे हैं। इस संकट के बीच नगर पालिका परिषद द्वारा जल कर (टैक्स) में की गई बढ़ोतरी ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ नगर पालिका जनता पर भारी भरकम टैक्स लाद रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधा के नाम पर लोगों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। जाधव ने चेतावनी दी है कि शहरभर से लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद यदि वितरण व्यवस्था में 24 घंटे के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो वे जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
इस विकट स्थिति को देखते हुए स्थानीय विधायक ने अपनी ओर से पहल की है। विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनडे ने बताया कि शहर की बिगड़ती हालत को देखते हुए विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित 20 टैंकरों को तत्काल नगर की सेवा में तैनात कर दिया है। विधायक के निर्देश पर अब ये टैंकर शहर के उन वार्डों में पानी पहुँचा रहे हैं, जहाँ पिछले एक हफ्ते से सप्लाई ठप है।
वर्तमान में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने अपने निजी खर्च पर ट्रैक्टरों की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से इन 20 टैंकरों को शहर के सभी 24 वार्डों में भेजा जा रहा है। विष्णु बनडे ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि जब तक नगर पालिका अपनी तकनीकी खामियों को दूर नहीं कर लेती, तब तक शहर का कोई भी परिवार प्यासा न रहे। कार्यकर्ताओं की टोलियां सुबह से देर रात तक पानी वितरण में जुटी हुई हैं।
कुल मिलाकर, बड़वानी में पानी को लेकर अब ‘टैंकर पॉलिटिक्स’ भी शुरू हो गई है। जहाँ नगर पालिका प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है, वहीं विपक्षी दल टैंकरों के जरिए जनता की सहानुभूति बटोरने में लगा है। अब देखना होगा कि नगर पालिका इस अव्यवस्था को कब तक ठीक कर पाती है।











