बड़वानी: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कथित अनदेखी को लेकर गुरुवार को बड़वानी में हिंदू समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। हिंदू जागरण मंच और जागृत हिंदू मंच के संयुक्त तत्वावधान में श्रीराम चौक पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू समाज के खिलाफ हो रही कथित सुनियोजित हिंसा पर गंभीर चिंता जताई। सभा को संबोधित करते हुए अंजना पटेल, विक्रम चौहान, दीपक जेमन, आशीष मेहरा, शरद पटेल और कुमारी आरवी भावसार ने कहा कि वहां ईशनिंदा के झूठे आरोपों के आधार पर हिंदू युवकों की हत्या की जा रही है। वक्ताओं ने मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या और मंदिरों को अपवित्र किए जाने की घटनाओं का उल्लेख किया।
सीमावर्ती राज्यों को लेकर चेतावनी
वक्ताओं ने भारत के असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में बढ़ते जनसांख्यिकीय असंतुलन को लेकर समाज को सतर्क किया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए ‘हलाल इकोनॉमी’ के माध्यम से धन के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल खड़े किए।
स्थानीय मुद्दों पर भी उठाई आवाज
प्रदर्शन में बड़वानी जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों में मस्जिदों से पांच समय तेज आवाज में अजान और खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रशासन की चुप्पी को शासन के आदेशों की अवहेलना बताया गया।
ज्ञापन सौंपा, पुतला दहन
प्रदर्शन के समापन पर तहसीलदार हितेंद्र भावसार को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में केंद्र सरकार से बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप और राज्य शासन से जिले में प्रतिबंधात्मक आदेशों का सख्ती से पालन कराने की मांग की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मो. यूनुस का पुतला दहन किया।











