Bank Strike Jabalpur : जबलपुर। 5-डे वीक (सप्ताह में पांच दिन काम) की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर आज बैंक कर्मचारियों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन ने जबलपुर समेत पूरे क्षेत्र की बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की अधिकांश बैंक शाखाओं में सुबह से ही ताले लटके नजर आए। इस हड़ताल का असर केवल सरकारी बैंकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि निजी बैंकों के कर्मचारी भी एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन में शामिल हुए। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, एक दिन की इस हड़ताल से अकेले जबलपुर क्षेत्र में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
हड़ताल के कारण बैंकिंग की सभी प्रमुख सेवाएं जैसे चेक क्लीयरेंस, नकद लेन-देन, ड्राफ्ट निर्माण और ऋण संबंधी कार्य पूरी तरह ठप रहे। सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता को उठानी पड़ी, क्योंकि बैंकों के बंद होने के साथ-साथ शहर के कई एटीएम में भी नकदी की किल्लत देखी गई। डिजिटल बैंकिंग को छोड़कर काउंटर पर होने वाले सभी काम प्रभावित रहे, जिससे व्यापारिक जगत और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ऑफिसर्स एसोसिएशन के डीजीएस अभिषेक कुमार सिन्हा ने कहा, “हमारी 5-डे वीक की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर सरकार केवल आश्वासन दे रही है। यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के लिए आवश्यक है।” वहीं, बैंक कर्मचारी दीपशिखा राज पटेल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बैंककर्मियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सरकार को हमारी जायज मांगों को प्राथमिकता से पूरा करना चाहिए।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक चेतावनी है; यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो मार्च महीने में देशभर के बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। फिलहाल, बैंक यूनियनों के इस कड़े रुख ने सरकार और प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।













