Tuesday, September 29, 2026
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Bacheli News: दंतेवाड़ा में अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान का गर्मजोशी से स्वागत, समाज प्रमुखों ने 16% आरक्षण समेत कई मांगें रखीं

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Bacheli News: फकरे आलम/बचेली : दंतेवाड़ा/बचेली। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त रामलाल चौहान के दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान अनुसूचित जाति समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान समाज के लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। बैठक में आरक्षण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, जातिगत भेदभाव, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय स्तर पर अवसरों से जुड़े कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

Bacheli News: आयोग अध्यक्ष के साथ पूर्व अनुसूचित जाति आयोग सदस्य पुनीत चौहान भी मौजूद रहे। दंतेवाड़ा पहुंचने पर धनसिंग नाग, पार्षद एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लता मरकाम, जिला मंत्री श्यामलाल सेठिया, पार्षद एवं जिला महामंत्री एससी मोर्चा बसंत खुरा, विजय सोनवानी, सुरेश नाग, शिवदास सहित अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया और उन्हें सर्किट हाउस ले जाया गया।

सर्किट हाउस में समाज के लोगों ने किया स्वागत

सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति समाज के विभिन्न समुदायों के पदाधिकारियों और समाज प्रमुखों ने फूल-माला पहनाकर आयोग अध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान समाज के लोगों ने एक-एक कर अपना परिचय दिया और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। कई प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्र भी आयोग अध्यक्ष को सौंपे।

इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान को मां दंतेश्वरी मंदिर ले जाकर दर्शन कराया। मंदिर दर्शन के बाद सर्किट हाउस में दोबारा बैठक हुई, जिसमें अनुसूचित जाति समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

16 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुख मुद्दा

बैठक में अनुसूचित जाति समाज के प्रतिनिधियों ने 16 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुखता से उठाई। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2023 में माहरा समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल किए जाने के बाद बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति की जनसंख्या में बदलाव हुआ है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आरक्षण के प्रतिशत की समीक्षा किए जाने और आवश्यकता के अनुसार 16 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किए जाने की मांग रखी गई।

समाज प्रतिनिधियों का कहना था कि अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। इस मुद्दे को लेकर आयोग अध्यक्ष के समक्ष ज्ञापन भी सौंपा गया।

जातिगत भेदभाव और छुआछूत पर कार्रवाई की मांग

बैठक में जातिगत भेदभाव, छुआछूत और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों पर भी चर्चा हुई। समाज पदाधिकारियों ने मांग की कि ऐसे मामलों में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधियों ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पीड़ितों को कानूनी मामलों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।

जनसंख्या के आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग

समाज के प्रतिनिधियों ने जातिगत जनगणना के आधार पर अनुसूचित जाति वर्ग को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग भी आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखी। उनका कहना था कि बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या को देखते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

प्रतिनिधियों ने स्थानीय निकायों से लेकर विधानसभा चुनाव तक जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग रखी। इसमें नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, जनपद पंचायत, जिला पंचायत और विधानसभा स्तर पर अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी का सर्वे कराकर उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही गई।

नर्सिंग ट्रेनिंग में अनुसूचित जाति की बेटियों को अवसर देने की मांग

समाज पदाधिकारियों ने एनएमडीसी से जुड़ी नर्सिंग ट्रेनिंग योजना का लाभ अनुसूचित जाति वर्ग की छात्राओं को भी दिलाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि जिस तरह अनुसूचित जनजाति वर्ग की बच्चियों को नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद भेजे जाने की व्यवस्था का लाभ मिलता है, उसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग की बच्चियों को भी प्रशिक्षण का अवसर मिलना चाहिए।

समाज के लोगों ने बताया कि बस्तर संभाग के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में अनुसूचित जाति वर्ग के कई परिवार निवास करते हैं। आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण के अवसर रोजगार की दिशा में मददगार हो सकते हैं।

आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान ने इस मांग को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एनएमडीसी को आयोग की ओर से पत्र भेजने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

BTOA सदस्यता का मुद्दा भी उठा

बैठक में BTOA से जुड़ी सदस्यता का मुद्दा भी समाज प्रतिनिधियों ने उठाया। पदाधिकारियों ने मांग की कि दंतेवाड़ा जिले में निवास करने वाले अनुसूचित जाति समाज के स्थानीय लोगों को निवास प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के आधार पर सदस्यता का अवसर दिया जाना चाहिए।

प्रतिनिधियों के मुताबिक इससे स्थानीय अनुसूचित जाति समाज के लोगों को ट्रांसपोर्टिंग और व्यापार से जुड़े कार्यों में अवसर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के गांव-गांव में महार, माहरा और गांणा समाज के लोग निवास करते हैं और उन्हें भी रोजगार एवं व्यवसाय के अवसरों से जोड़ने की जरूरत है।

आयोग अध्यक्ष ने इस मांग पर BTOA के बायलॉज और संबंधित नियमों को देखने की बात कही।

समाज के लोगों ने एक स्वर में रखी मांगें

बैठक में मौजूद विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुटता दिखाई। समाज प्रमुखों ने कहा कि आरक्षण, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर शासन स्तर पर प्रभावी पहल की आवश्यकता है।

आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान ने समाज के प्रतिनिधियों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और विभिन्न मांगों पर संबंधित स्तर पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने 16 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों से चर्चा करने की बात भी कही।

ये समाज प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में महार समाज से राजकुमार झाड़ी, शंकर जुमड़ी, पुरुषोत्तम झाड़ी, कुलदीप झाड़ी, शंकर झाड़ी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। गांणा समाज से केके कोरम, तरुण कोरम, चुनूलाल प्रधान, सतनामी समाज से आरएल बंजारे, डीआर रात्रे, एसएन भारद्वाज, दीपक आदित्य सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।

Bacheli News: माहरा समाज से लच्छिन्दर नाग, अनिल नाग, मंधर बघेल, अमित नागेश सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को आयोग अध्यक्ष के सामने रखा।

Bacheli News: बैठक के दौरान सामाजिक प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि आयोग के माध्यम से उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा और अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर आगे सकारात्मक पहल होगी।

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