Bacheli News : हाईस्कूल का भवन 4 साल से अधूरा, छात्र बेहाल – प्रशासन-ठेकेदार के विवाद में अटका भविष्य, बचेली जैसे शिक्षा केंद्र की सुध आखिर कौन लेगा?

Sanjay Sahu
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Bacheli News : फकरे आलम खान/बचेली। शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़े बचेली – जहां कभी राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता छात्र पढ़ते थे, आज उसी स्कूल के बच्चे चार सालों से दूसरे स्कूलों की इमारतों में, दो पालियों में, बिना पर्याप्त कक्षा और प्रयोगशाला के जैसे-तैसे पढ़ाई कर रहे हैं। कारण? अधूरा भवन निर्माण, घटिया निर्माण सामग्री, प्रशासनिक जांच और अंततः हाईकोर्ट में लंबित मामला।

Bacheli News : यह स्कूल भवन वर्ष 2021 में शुरू हुआ था, जिसे महज 15 महीनों में पूरा होना था। लेकिन आज 60 महीने बीत चुके हैं और भवन अब तक अधूरा है। सबसे बड़ी विडंबना ये कि चार सत्र गुजर चुके हैं और पांचवां सत्र भी 16 जून 2025 से शुरू हो चुका है, लेकिन छात्रों को अभी तक अपनी ही स्कूल की इमारत नसीब नहीं हुई।

Bacheli News : भ्रष्ट निर्माण, जांच और टेंडर रद्द

Bacheli News : बिल्डिंग निर्माण में गंभीर भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री की शिकायतें सामने आईं। कलेक्टर दंतेवाड़ा ने 17 मई 2024 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बड़े बचेली की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की। जांच रिपोर्ट 5 जुलाई 2024 को कलेक्टर को सौंपी गई जिसमें **नींव से लेकर छत तक हर निर्माण कार्य को दोषपूर्ण और अधूरी गुणवत्ता वाला पाया गया। सीमेंट, सरिया, कांक्रीट, मुरूम, ईंट, दरवाजे, खिड़कियां – सब कुछ मानकों से परे। समिति ने स्पष्ट लिखा कि यह भवन अध्ययन योग्य नहीं है।

Bacheli News : प्रशासन ने दिया पुनर्निर्माण का आदेश, ठेकेदार पहुंचा कोर्ट

Bacheli News : जांच के आधार पर कलेक्टर ने पुराने टेंडर को निरस्त कर भवन तोड़कर दोबारा निर्माण का आदेश दिया। नगर पालिका ने नया टेंडर प्रकाशित किया, लेकिन ठेकेदार हाईकोर्ट चला गया और टेंडर प्रक्रिया पर स्टे ले आया। अब 7 महीने से मामला कोर्ट में लंबित है, और छात्रों का भविष्य कानूनी फाइलों के बीच फंसा है।

Bacheli News : दो पाली में पढ़ाई, प्रयोगशालाओं का अभाव

Bacheli News : वर्तमान में स्कूल का संचालन एक अन्य भवन में किया जा रहा है, जहां सुबह प्राथमिक और मिडिल स्कूल, और दोपहर 12 बजे से हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षाएं लगती हैं। ना समुचित कक्षाएं हैं, ना प्रयोगशालाएं, जिससे 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रायोगिक विषयों की पढ़ाई में भारी नुकसान हो रहा है।

Bacheli News : जहां पहले स्कूल में 400 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते थे, आज संख्या घटकर 250 से 300 के बीच रह गई है। ऐसे में न सिर्फ शिक्षा स्तर गिरा है बल्कि छात्रों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।

Bacheli News : कौन लेगा जिम्मेदारी?

Bacheli News : शिक्षा के क्षेत्र में चर्चित रहे बचेली के इस स्कूल को अब कोई पूछने वाला नहीं बचा। प्रशासन यह कहकर चुप है कि मामला कोर्ट में है, ठेकेदार कानूनी अड़चन बना हुआ है और बच्चों का भविष्य धीरे-धीरे अंधेरे में जा रहा है। क्या शासन-प्रशासन इन होनहार छात्रों के भविष्य को अनदेखा करता रहेगा? क्या न्याय की यह प्रक्रिया इतना लंबा चलेगी कि छात्र अपने भविष्य से समझौता कर बैठेंगे? सवाल कई हैं… लेकिन जवाब कोई नहीं। बचेली का ज्ञान-गृह कब तक अधूरा रहेगा?

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