Awadhesh Pratap Singh University : रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (एपीएसयू) के कन्या छात्रावास में एक बार फिर धार्मिक आस्था से जुड़ा बड़ा विवाद सामने आया है। पहले अल्फिया नामक छात्रा के मामले के बाद, अब आयशा परवीन नाम की एक छात्रा पर आरोप लगा है कि उसने सनातनी पूजा पद्धति पर सवाल उठाते हुए एक जूनियर छात्रा के साथ बर्बर मारपीट की। इस घटना से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव और आक्रोश बढ़ गया है।
Awadhesh Pratap Singh University : पूजा पर सवाल और सिगरेट का गुल
पीड़ित छात्रा के मुताबिक, यह पूरी घटना 24 नवंबर की रात की है। वह अपने कमरे में बैठकर पूजा कर रही थी, तभी उसकी रूममेट आयशा परवीन कमरे में आई। आरोप है कि आयशा परवीन ने जानबूझकर उस स्थान पर सिगरेट का गुल गिराने की कोशिश की, जहां छात्रा पूजा कर रही थी। जब पीड़ित छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आयशा परवीन ने पहले तो सनातनी पूजा पद्धति पर आपत्तिजनक सवाल उठाए और यह तक कह दिया कि “भगवान तेरे हैं, मेरे नहीं।” विरोध बढ़ने पर, आयशा परवीन ने अपनी एक सहेली को बुलाया और दोनों ने मिलकर पीड़ित छात्रा के साथ जमकर मारपीट की।
Awadhesh Pratap Singh University : कुलगुरु पर कार्रवाई टालने का आरोप
पीड़ित छात्रा ने इस पूरी घटना की लिखित शिकायत तत्काल हॉस्टल वार्डन सहित विश्वविद्यालय के कुलगुरु (वाइस चांसलर) को दी। हालांकि, शिकायत के बावजूद कुलगुरु पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी छात्रा आयशा परवीन के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय, मामले को रफा-दफा करने या बचाव के उपाय शुरू कर दिए। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी जब कुलगुरु ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तब इस मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने हस्तक्षेप किया।
Awadhesh Pratap Singh University : एबीवीपी का प्रदर्शन, एफआईआर की मांग
एबीवीपी के हस्तक्षेप के बाद छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में जबरदस्त प्रदर्शन शुरू कर दिया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पीड़ित छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आरोपी छात्रा के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए।
Awadhesh Pratap Singh University : इस पूरे मामले पर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु राजकुमार कुडरिया का कहना है कि “छात्रा ने लिखित शिकायत की थी। हमने वार्डन से लिखित आवेदन मांगा है और कमेटी बनाई जा रही है, जांच कराएंगे।”
एबीवीपी पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक आरोपी छात्रा पर सख्त कार्रवाई और FIR दर्ज नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। यह घटना एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर धार्मिक सद्भाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।











