Animal Care Tips: गाय-भैंस पालने वाले कई लोग घर या खेत में बची खाद्य सामग्री को पशुओं के सामने रख देते हैं। सामान्य तौर पर हर बची हुई चीज पशुओं के लिए सुरक्षित नहीं होती। खराब, बासी या फफूंद लगा भोजन उनके पाचन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर दूध उत्पादन पर भी दिखाई दे सकता है।
सड़ी सब्जियां और खराब खाना न दें
सड़ी हुई सब्जियां, खराब आलू, बासी रोटी, फफूंद लगा चावल या दूसरी खराब खाद्य सामग्री पशुओं को खिलाने से बचना चाहिए। खासकर गर्मी और नमी के मौसम में रखा हुआ भोजन जल्दी खराब हो सकता है। ऐसे खाने को फेंक देना ही बेहतर है, बजाय इसके कि उसे पशुओं के आहार में शामिल किया जाए।
फफूंद लगे चारे से भी रहें सावधान
भूसा, खली, मक्का और दाने को अगर नम या सीलन वाली जगह पर रखा जाए तो उनमें फफूंद लग सकती है। फफूंद लगे चारे में मायकोटॉक्सिन जैसे हानिकारक पदार्थ बन सकते हैं, जो पशुओं की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए चारे को हमेशा सूखी, साफ और हवादार जगह पर रखें। बदबू आने या फफूंद दिखाई देने पर ऐसे चारे को पशुओं को न खिलाएं।
हरे और अंकुरित आलू न खिलाएं
आलू सीमित मात्रा में पशु आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन हरे, अंकुरित, सड़े या फफूंद लगे आलू से बचना चाहिए। इनमें सोलानिन की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे पशुओं के लिए परेशानी पैदा होने का खतरा रहता है। इसी तरह खेत या सड़क किनारे उगने वाले अनजान पौधों को भी पशुओं से दूर रखें, क्योंकि कुछ जंगली पौधे जहरीले हो सकते हैं।
प्याज और पत्तागोभी भी सीमित रखें
प्याज को बहुत ज्यादा मात्रा में खिलाना पशुओं के लिए ठीक नहीं माना जाता। अधिक मात्रा में इसका सेवन लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए पशुओं के भोजन में किसी एक चीज की अधिकता न करें।
संतुलित डाइट है सबसे जरूरी
गाय-भैंस के आहार में हरे चारे के साथ सूखा चारा, संतुलित दाना, जरूरत के अनुसार मिनरल मिक्सचर और पर्याप्त साफ पानी शामिल करें। पशु की उम्र, वजन, दूध देने की क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार डाइट में बदलाव करना बेहतर रहता है।






