Sunday, October 4, 2026
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Angara Airlines Plane Crash : अंगारा एयरलाइंस का पुराना विमान क्रैश, लापरवाही बनी 49 जिंदगियों की मौत की वजह?

Angara Airlines Plane Crash
Angara Airlines Plane Crash

रूस | Angara Airlines Plane Crash : रूस के अमूर क्षेत्र में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। चीन की सीमा के नजदीक स्थित टिंडा शहर से 16 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में अंगारा एयरलाइंस का एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में सवार सभी 49 यात्रियों की मौत हो गई है, जिनमें पांच मासूम बच्चे भी शामिल थे।

Angara Airlines Plane Crash : लैंडिंग में दो बार विफल, पहाड़ी में टकराकर बिखरा मलबा
जानकारी के मुताबिक, विमान खाबरोवस्क से उड़ान भरकर ब्लागोवेशचेंस्क होते हुए टिंडा जा रहा था। लैंडिंग के पहले प्रयास में असफल रहने के बाद, दूसरी बार उतरने की कोशिश के दौरान विमान रडार से गायब हो गया। इसके बाद वह एक पहाड़ी में जा टकराया। बचाव दलों ने मलबा टिंडा से लगभग 16 किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में पाया, जो आधा किलोमीटर तक फैला हुआ था। मुश्किल भू-भाग के कारण रेस्क्यू टीम को रस्सियों के सहारे नीचे उतरना पड़ा।

63 साल पुराने विमान पर सवाल, उड़ान की अनुमति कैसे मिली?
दुर्घटनाग्रस्त विमान एंटोनोव AN-24 मॉडल का था, जिसे सोवियत काल में 1967 में डिजाइन किया गया था। यह विमान छोटे और कच्चे रनवे पर उड़ान भरने के लिए बनाया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विमान का उत्पादन 1979 में बंद हो गया था, बावजूद इसके रूस के कुछ सुदूर इलाकों में इन्हें आज भी उड़ाया जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर रूस की विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Angara Airlines Plane Crash

अंगारा एयरलाइंस पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
अंगारा एयरलाइंस साइबेरिया और रूस के सुदूरवर्ती इलाकों में उड़ानों का संचालन करती है। कंपनी के पास 32 विमानों का बेड़ा है, जिसमें सात AN-24 भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने विमानों को बिना उचित रखरखाव के उड़ान में भेजना जोखिमभरा कदम है। पिछले साल भी अमूर क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर हादसा हुआ था, जिसमें तीन लोगों की जान गई थी।

बचाव कार्य बना चुनौती
खराब मौसम, दुर्गम पहाड़ी इलाका और मलबे का बड़े क्षेत्र में बिखराव, राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। आपातकालीन सेवाओं की टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए रस्सियों और हेलीकॉप्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। हादसे की जांच के लिए रूस के एविएशन सुरक्षा आयोग की विशेष टीम को भी रवाना किया गया है।

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