नई दिल्ली : देश में इंडिगो के ऑपरेशनल संकट के बीच कुछ एयरलाइंस द्वारा अचानक बढ़ाए गए टिकट किरायों ने यात्रियों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया था। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर तत्काल प्रभाव से किराया सीमा (Fare Cap) लागू कर दी है, ताकि किसी भी एयरलाइन को संकट की स्थिति का फायदा उठाने से रोका जा सके।
अवसरवादी कीमतों पर रोक—सरकार का सख्त निर्देश
मंत्रालय का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में उड़ानों के कैंसिल होने के कारण कई यात्रियों को अत्यधिक महंगे टिकट खरीदने पड़े। कुछ रूट्स पर तो किराया दोगुना-तिगुना तक पहुंच गया था। इस स्थिति को “अवसरवादी प्राइसिंग” करार देते हुए MoCA ने सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किया है कि वे निर्धारित फेयर कैप का सख्ती से पालन करें।
.@MoCA_GoI Action on IndiGo Operational Crisis – Air Fare Regulation
💠 The Ministry of Civil Aviation has taken serious note of concerns regarding unusually high airfares being charged by certain airlines during the ongoing disruption. In order to protect passengers from any…
— PIB India (@PIB_India) December 6, 2025
सरकार ने स्पष्ट कहा—
“स्थिति सामान्य होने तक कोई भी एयरलाइन मनमाने किराए नहीं बढ़ा सकती।”
संकट में फंसे यात्रियों के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता
PIB द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों का शोषण रोकना है, खासकर—
- बुजुर्ग
- छात्र
- मरीज
- आपातकालीन यात्रा करने वाले लोग
सरकार नहीं चाहती कि संकट के समय इन्हें महंगे टिकटों के कारण अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़े।
रीयल-टाइम मॉनिटरिंग—एयरलाइंस की हर गतिविधि पर नजर
MoCA ने बताया कि अब सभी एयरफेयर की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
मंत्रालय इसके लिए—
- एयरलाइंस से मिलने वाला डेटा
- ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के किराया रिकॉर्ड
—दोनों का उपयोग करेगा।
यदि कोई एयरलाइन फेयर कैप का उल्लंघन करती पाई गई, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
PIB ने अपने पोस्ट में लिखा—
“Government will closely monitor fare levels. Any deviation will attract immediate corrective action.”
इंडिगो संकट के बाद आया बड़ा निर्णय
पिछले एक सप्ताह में इंडिगो के क्रू मैनेजमेंट और ऑपरेशनल मुद्दों के कारण हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं। लोग मजबूरी में अन्य एयरलाइंस का टिकट खरीद रहे थे, लेकिन कीमतें सामान्य स्तर से कई गुना अधिक दिख रही थीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला—
- एयरलाइन सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाएगा
- यात्रियों को राहत देगा
- और ऐसी परिस्थितियों में बाजार को संतुलित बनाए रखने में मदद करेगा।













