निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले से जुड़े एक अहम घटनाक्रम में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की रिहाई याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा है। विशेष CBI जज संजय जिंदल ने आरोपी के वकील की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद CBI को 22 दिसंबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
“अधिकतम सजा पूरी हो चुकी” – बचाव पक्ष
क्रिश्चियन मिशेल के वकील अल्जो के. जोसेफ ने अदालत को बताया कि आरोपी इस मामले में सात साल से अधिक समय से हिरासत में है, जबकि इस अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम सजा वह पूरी कर चुका है। उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित अन्य मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट से मिशेल को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
12 साल से जारी जांच पर सवाल
बचाव पक्ष ने कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड केस की जांच पिछले 12 वर्षों से चल रही है और जांच एजेंसियां अब तक ट्रायल पूरा नहीं कर पाई हैं। ऐसे में सजा अवधि पूरी कर चुके व्यक्ति को जेल में रखना संविधान और न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
CBI का विरोध, भागने का खतरा
CBI की ओर से विशेष सरकारी वकील डीपी सिंह ने रिहाई का विरोध करते हुए कहा कि क्रिश्चियन मिशेल विदेशी नागरिक है और उसके फरार होने की आशंका बनी हुई है। एजेंसी ने अदालत को आगाह किया कि रिहाई से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।
3600 करोड़ का अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला
यह मामला वर्ष 2013 में सामने आए 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि सौदे में तकनीकी मानकों से छेड़छाड़ कर कंपनी को लाभ पहुंचाया गया और करीब 200 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। बाद में यूपीए सरकार ने यह सौदा रद्द कर दिया था। इस केस में पूर्व एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी भी आरोपी हैं।











