Abhyudaya Madhya Pradesh : भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश का स्वर्णिम भविष्य यहाँ के युवाओं की क्षमता, कौशल और उनके आत्मविश्वास में ही निहित है। इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य शासन निरंतर ऐसे प्रयास कर रहा है जिससे युवाओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण और उद्योगोन्मुख कौशल प्रशिक्षण मिले, बल्कि उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी प्राप्त हों। लक्ष्य स्पष्ट है—युवा स्वावलंबी बनें और प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
Abhyudaya Madhya Pradesh : कौशल विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने हाल के वर्षों में नवाचार, उद्योग सहभागिता और समावेशी दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश के आईटीआई (ITI) संस्थानों और अत्याधुनिक एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के माध्यम से युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। रोजगार विभाग के साथ मिलकर किए जा रहे इन समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि आज प्रदेश का युवा आधुनिक तकनीक, जीवन कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण से लैस होकर बाजार की चुनौतियों के लिए तैयार है।
Abhyudaya Madhya Pradesh : सरकार की इन पहलों में समावेशिता का विशेष ध्यान रखा गया है। विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों और वंचित वर्गों के लिए तैयार किए गए लक्षित कार्यक्रम राज्य की प्राथमिकताओं का अहम हिस्सा हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग को कौशल विकास के समान अवसर मिलें और कोई भी युवा पीछे न छूटे। प्रशिक्षण सत्रों में आधुनिक मशीनों पर काम करते युवाओं का उत्साह एक बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर पेश कर रहा है।
Abhyudaya Madhya Pradesh : कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये प्रयास युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगे। एक समर्थ, सशक्त एवं सक्षम युवा शक्ति के माध्यम से हम ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ की ओर तेजी से अग्रसर होंगे।” उन्होंने उद्योग जगत के साझेदारों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों के समर्पण की सराहना करते हुए इसे एक साझा मिशन बताया।
Abhyudaya Madhya Pradesh : आज मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश के सामने एक नई मिसाल कायम कर रहा है। सरकार और उद्योग जगत के बीच बढ़ती साझेदारी यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। आने वाले समय में ये हुनरमंद हाथ न केवल अपने परिवार का सहारा बनेंगे, बल्कि विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।













