Aadivasi Dharma Code Demand : सेंधवा (बड़वानी) : सेंधवा विधानसभा के ग्राम गेरुघाटी में आयोजित ‘आदिवासी अधिकार सम्मेलन’ में कांग्रेस के दिग्गजों ने हुंकार भरी। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक सचिन यादव ने आदिवासी पट्टों, पहचान और आरक्षण के मुद्दों पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
उमंग सिंघार का बड़ा बयान: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी पहचान को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी। उन्होंने दो टूक कहा, “आदिवासी हिंदू नहीं हैं। हमारी संस्कृति, पूजा पद्धति और रीति-रिवाज बिल्कुल अलग हैं। हम इस देश के मूलवासी हैं और मोहन भागवत जी ने भी स्वीकार किया है कि सनातन से पहले आदिवासी थे।” सिंघार ने आगामी जनगणना में ‘आदिवासी कोड’ की मांग करते हुए कहा कि जब झारखंड में कोड मिल सकता है, तो मध्य प्रदेश के आदिवासियों को अपनी अलग पहचान क्यों नहीं मिलनी चाहिए? उन्होंने अंत सिंह आर्य पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष होकर भी अपने ही क्षेत्र के आदिवासियों की बिजली और पलायन की समस्या पर चुप हैं।
जीतू पटवारी की चेतावनी: प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मतदाता सूची (Voter List) के पुनरीक्षण में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा पलायन करने वाले आदिवासी भाइयों के नाम काटकर उनका संवैधानिक अधिकार छीनना चाहती है। मैं कलेक्टर और आरओ को सचेत करता हूँ कि अगर एक भी नाम गलत तरीके से काटा या जोड़ा गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ स्तर पर FIR दर्ज कराएंगे।” पटवारी ने ओबीसी आरक्षण पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर 27% आरक्षण को रोका है, जिसका जवाब पिछड़ा वर्ग समाज आगामी चुनावों में देगा।
क्षेत्रीय समस्याएं और पलायन: सम्मेलन में वक्ताओं ने बताया कि क्षेत्र से 60% से अधिक आदिवासी परिवार पलायन कर चुके हैं। वन अधिकार के पट्टे (नाबार्ड के पट्टे) न मिलना, बिजली की भारी किल्लत और बेरोजगारी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, जिस पर सरकार ‘मौन’ साधे हुए है।











