Eye Donation Kondagaon : कोंडागांव: जिले के शीतलापारा निवासी स्वर्गीय श्रीमती उषा देवी संचेती (68 वर्ष) के निधन के पश्चात उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छानुसार नेत्रदान का संकल्प पूरा किया। शुक्रवार प्रातः 7:45 बजे उनके निधन के बाद परिजनों ने तत्काल जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग से संपर्क किया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सफल नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न की।
स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ. पी.एल. मांडवी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सोनू शेट्टी के नेतृत्व में टीम ने संचेती जी के निवास स्थान पहुंचकर सम्मानपूर्वक नेत्रदान लिया। इस प्रक्रिया में सहायक नोडल अधिकारी अनिल वैध, नेत्र सहायक अशोक कश्यप और स्टाफ नर्स आरती महानंद का विशेष योगदान रहा।
जैन समाज की दूसरी बड़ी पहल
कोंडागांव में जैन समाज द्वारा किया गया यह दूसरा नेत्रदान है। समाज के इस कदम की प्रशासन ने जमकर सराहना की है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि ‘कॉर्नियल ओपेसिटी’ (पुतली की सफेदी) के कारण देख पाने में असमर्थ लोगों के लिए नेत्रदान किसी वरदान से कम नहीं है। एक व्यक्ति का नेत्रदान दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन को रोशन कर सकता है।
प्रशासन की अपील: अंगदान को बनाएं महादान
नोडल अधिकारी डॉ. ख्याति साक्षी ने बताया कि शासन अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। संचेती परिवार के इस निर्णय से अन्य समाजजनों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे अपने परिजनों की मृत्यु के पश्चात नेत्रदान जैसा पुनीत कार्य करें।













