Gharghoda Nagar Panchayat : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़): छत्तीसगढ़ में गर्मी के शुरुआती दौर में ही बढ़ते तापमान ने जहाँ आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, वहीं रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में नगर पंचायत प्रशासन एक ‘ढाल’ बनकर उभरा है। 40 डिग्री सेल्सियस के तपते पारे और गिरते भू-जल स्तर की चुनौती के बीच, नगर पंचायत के CMO और अध्यक्ष की जोड़ी ने शहर की प्यास बुझाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
तत्काल राहत: वार्डों में दौड़ रहे टैंकर
बढ़ती गर्मी और हैंडपंपों के सूखने की समस्या को देखते हुए नगर पंचायत ने बिना समय गवाए वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अध्यक्ष और पार्षदों की विशेष पहल पर नगर के उन तमाम वार्डों में टैंकरों के जरिए पानी पहुँचाया जा रहा है, जहाँ पाइपलाइन का दबाव कम था या स्रोत सूख चुके थे। प्रशासन का यह कदम उन सैकड़ों परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है, जो जल संकट की आशंका से चिंतित थे।
प्रशासन की सक्रियता और भविष्य की तैयारी
नगर पंचायत CMO के नेतृत्व में तकनीकी टीम लगातार बोर खनन और पाइपलाइन की निगरानी कर रही है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि संसाधनों का समान वितरण हो। जहाँ एक ओर टैंकरों से तत्काल राहत दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में स्थाई समाधान के लिए भी खाका तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि गिरता जल स्तर एक प्राकृतिक चुनौती है, लेकिन प्रबंधन के जरिए इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
समन्वय से मिल रही सफलता
नगर पंचायत अध्यक्ष और पार्षदों की सक्रियता का ही परिणाम है कि वार्डों में पानी के लिए होने वाली आपाधापी पर काफी हद तक लगाम लगी है। जनप्रतिनिधि खुद मोहल्लों में जाकर जलापूर्ति की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और जहाँ भी कमी पाई जा रही है, वहां अतिरिक्त फेरे लगाकर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
जनता से सहयोग की अपील
प्रशासन ने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए नागरिकों से भी सहयोग मांगा है। CMO ने अपील की है कि पानी का अपव्यय रोकें और जल संरक्षण की दिशा में प्रशासन का साथ दें। साथ ही, अवैध रूप से बोर पर काबिज या पानी का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध भी प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का लाभ हर गरीब और जरूरतमंद तक पहुँच सके।
निश्चित रूप से, आने वाले भीषण गर्मी के महीनों के लिए घरघोड़ा नगर पंचायत की यह सजगता और तत्परता एक सकारात्मक संदेश दे रही है कि प्रशासन अपनी जनता की बुनियादी जरूरतों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









