VIT Bhopal University Controversy : भोपाल/सीहोर | 28 मार्च 2026 सीहोर जिले की आष्टा तहसील के कोठरी में संचालित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) विश्वविद्यालय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भौगोलिक रूप से सीहोर जिले में स्थित होने के बावजूद “VIT Bhopal University” नाम का उपयोग कर छात्र-छात्राओं को भ्रमित करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। एनएसयूआई (NSUI) द्वारा की गई इस गंभीर शिकायत के बाद आयोग ने संबंधित पक्षों से प्रतिवेदन तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नाम ‘भोपाल’ पर स्थान ‘सीहोर’ का कोठरी: छात्र हो रहे भ्रमित एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर भोपाल शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में स्थित है। इसके बावजूद “भोपाल” नाम का उपयोग मार्केटिंग और ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में किया जा रहा है। इससे अन्य राज्यों से आने वाले छात्र और अभिभावक इस भ्रम में प्रवेश ले लेते हैं कि संस्थान राजधानी भोपाल में है। बाद में कोठरी जैसे दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के कारण छात्रों को भारी असुविधा और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
अव्यवस्थाओं और अवैध क्लीनिक का भी आरोप शिकायत में केवल नाम ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिसर के भीतर बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता का भी मुद्दा उठाया गया है। रवि परमार के अनुसार, पूर्व में इन अव्यवस्थाओं के कारण छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया था, जिसने हिंसक रूप भी लिया था। इसके अतिरिक्त, परिसर में कथित रूप से संचालित अवैध क्लीनिक और अन्य अनियमितताओं पर भी उंगली उठाई गई है, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
NSUI की चेतावनी और प्रमुख मांगें भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि मानवाधिकार आयोग द्वारा केस रजिस्टर्ड करना छात्रों के अधिकारों की जीत है। संगठन ने प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं:
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विश्वविद्यालय के नाम से तत्काल “भोपाल” शब्द हटाया जाए।
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विश्वविद्यालय में व्याप्त सभी अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच हो।
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छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाएं।
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि छात्र हितों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो संगठन उग्र प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।









