Dhirendra Shastri : छतरपुर। सेना में सूबेदार के पद पर रहकर पुष्पेंद्र तिवारी नाम के व्यक्ति द्वारा अपने गांव में एक सराहनीय पहल की जा रही है। सूबेदार उन माताओं को 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देते हैं जिन माताओं के घर बेटियों का जन्म होता है। इतना ही नहीं कक्षा 10वीं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी 10 हजार रुपए देकर सूबेदार सम्मानित करते हैं ।
बागेश्वर धाम पीठाधीश पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सूबेदार की इस पहल को न केवल सराहा बल्कि कहा कि एक सैनिक वेतन के लिए नौकरी नहीं करता बल्कि वतन के लिए नौकरी करता है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश का तिरंगा सैनिकों की सांसों से ही लहराता है। देश की आन बान शान की रक्षा में सैनिक अपने प्राण न्योछावर कर देता है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों और बेटियों की माताओं को मंच से सम्मानित किया। पन्ना जिले के ग्राम दानवरा के सूबेदार पुष्पेंद्र कुमार तिवारी दानवीर के रूप में सामने आए हैं।
Dhirendra Shastri : जानकारी के मुताबिक पन्ना जिला अंतर्गत सिमरिया तहसील के ग्राम दानवरा के रहने वाले पुष्पेंद्र कुमार तिवारी सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत है। वे नौकरी के साथ ही सामाजिक सरोकार से भी जुड़े हैं। श्री तिवारी बेटियों के जन्म पर उनकी माता को 5 हजार देकर उनका मान बढ़ाते हैं और उन्हें यह एहसास दिलाते हैं कि उनके घर जो बेटी आई है वह अत्यंत भाग्यशाली है। श्री तिवारी ने जब अपनी सामाजिक गतिविधियों के बारे में बागेश्वर महाराज से शेयर किया तो महाराज श्री ने उनका हौसला बढ़ाने के लिए मेधावी छात्रों और बेटियों की माताओं को बागेश्वर के मंच से सम्मानित करने का वचन दिया था। साधना में होने के बावजूद महाराज श्री ने अपना वचन निभाते हुए सभी को सम्मानित किया। बेटी को जन्म देने वाली सत्य माता को बागेश्वर महाराज ने आशीर्वाद दिया वहीं कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 80 फ़ीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 8 छात्र- छात्राओं को सम्मानित किया।
मेधावी छात्रों को कराते हैं हवाई यात्रा, महिलाओं को बनाते हैं सशक्त
सूबेदार पुष्पेंद्र तिवारी की गतिविधियां यही नहीं रुकती। 90 फ़ीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को खजुराहो से दिल्ली तक हवाई यात्रा करवा कर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। इतना ही नहीं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के माध्यम से शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 हजार से लेकर 5 हजार तक की प्रोत्साहन राशि देते हैं। श्री तिवारी समाज में बेहतर काम करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित करते हैं। इस वर्ष पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया। मिनी मैराथन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित करते हैं। श्री तिवारी शिक्षा, नारी सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के कार्य में लगे हैं। उनके इन कार्यों की महाराज श्री ने मुक्त कंठ से सराहना की।
Dhirendra Shastri : बागेश्वर धाम के मंच से इन्हें मिला सम्मान
बेटियों को जन्म देने वाली माताओं में से सारथी दहायत, शान्वी सिंह, प्रीति आदिवासी को सम्मानित किया गया वहीं 80 फ़ीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले बच्चों में से सचिन राजपूत (कक्षा 12वीं) 96.6% अंक, शिवाशी राजा (कक्षा 10वीं) 92% अंक, अनुभव राजा (कक्षा 10वीं)89% अंक सम्मानित हुये। इसी तरह सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में गोलू राजपूत (कक्षा 12वीं), रक्षा पटेल (कक्षा 12वीं), रूपेंद्र सिंह (कक्षा 12वीं) के अलावा प्रेरणादायी कार्यों के लिए गौरी सिंह, प्रज्ञा अरजरिया, सोनम तिवारी व 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आयोजित मिनी मैराथन में मोनू यादव, साहिल यादव को सम्मानित किया गया।

शक्ति, भक्ति और अभिव्यक्ति में लीन महाराज श्री
नवरात्रि के पावन पर्व पर बागेश्वर महाराज साधना में लीन है लेकिन वे शक्ति की साधना के साथ-साथ भक्ति और अभिव्यक्ति को भी लेकर चल रहे हैं। 8 से 10 घंटा साधना के बाद वे मंदिर दर्शन करने आने के दौरान भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके अलावा भजन कीर्तन में भी अपनी उपस्थिति देते हैं। समूचा बागेश्वर धाम भक्ति की शक्ति से महक रहा है।
अचानक त्रिलोखर धाम पहुंचे महाराज श्री, चूल्हे में पकाई चाय
अपनी साधना के बीच बागेश्वर महाराज सुबह खजुराहो के पास स्थित सिद्ध स्थल त्रिलोखर धाम पहुंचे जहां भगवान के दर्शन करने के पश्चात उन्होंने चूल्हे में स्वयं चाय बनाई। उन्होंने यहां पुजारी जी से भेंट की, इसके अलावा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी आशीर्वाद दिया। महाराज श्री ने बताया कि वे जब 12 वर्ष की आयु के थे तब उन्होंने इस पावन स्थल पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया था। अपने बचपन की यादें साझा करते हुए उन्होंने तालाब में स्नान की बात बताई। उन्होंने यह भी कहा कि यहां आने से उन्हें आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।











