निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नेशनल हाईवे-146 के फोरलेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। भोपाल से रायसेन होते हुए सागर तक किए जा रहे इस चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कचरे से हो रही बेस फिलिंग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे निर्माण में नियमानुसार मुरम और कोपरा का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय शहर के कचरे का इस्तेमाल बेस फिलिंग के लिए किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आदमपुर के कचरे को सीधे सड़क निर्माण में डाला जा रहा है।
रात के अंधेरे में चल रहा खेल
ग्रामीणों के मुताबिक, यह पूरा काम रात 12 बजे के बाद किया जा रहा है। सैकड़ों डंपर कचरा रातों-रात लाकर सड़क में डाला जा रहा है, ताकि दिन में यह गतिविधि लोगों की नजर से बची रहे।
मिलीभगत के आरोप
इस मामले में ठेकेदार के साथ भोपाल नगर निगम की मिलीभगत के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार शहर के कचरे को प्रोसेस कर खाद में बदला जाना चाहिए, लेकिन बिना प्रोसेस किए ही इसे सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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भविष्य में बड़े हादसों की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के घटिया निर्माण से भविष्य में सड़क धंसने, पुल गिरने या बड़े हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है। यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ भी है।
ग्रामीणों का विरोध
बिलखिरिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर विरोध जताया है। उनका कहना है कि कचरे की वजह से इलाके में गंदगी और बदबू फैल रही है, जिससे उनका जीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि इस गंभीर मामले में जिम्मेदारों पर कब तक कार्रवाई होती है।











