कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग ने राज्य के प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां बदल दी हैं। आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव पद से हटा दिया है और उनकी जगह दुश्यंत नारियावाला को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है।
इसके साथ ही राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को भी पद से हटाकर संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव बनाया गया है।
आचार संहिता लागू होते ही आयोग की कार्रवाई
विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद चुनाव आयोग को प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करने के विशेष अधिकार मिल जाते हैं।
इन्हीं अधिकारों के तहत आयोग ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियां की हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
Read More : होर्मुज़ स्ट्रेट संकट गहराया! ट्रंप ने सात देशों से मांगी सैन्य मदद, कई देशों ने नहीं दिया जवाब
कौन हैं नए मुख्य सचिव दुश्यंत नारियावाला
दुश्यंत नारियावाला 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वे राज्य सरकार के उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे।
इसके अलावा उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली है। चुनाव आयोग ने उन्हें सोमवार दोपहर 3 बजे तक मुख्य सचिव का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।
संघमित्रा घोष बनीं नई गृह सचिव
वहीं संघमित्रा घोष, जो 1997 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, उन्हें राज्य का नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थीं।
उन्होंने महिला एवं बाल कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और कई सामाजिक योजनाओं के प्रशासनिक कार्यों का नेतृत्व किया है। आयोग ने उन्हें भी आज दोपहर 3 बजे तक कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है।
हटाए गए अधिकारियों को चुनाव कार्य से दूर रखा जाएगा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नंदिनी चक्रवर्ती और जगदीश प्रसाद मीना को किसी भी चुनाव संबंधी कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
पहले भी आयोग कर चुका है ऐसे फैसले
गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन गृह सचिव अत्री भट्टाचार्य को उनके पद से हटा दिया था। उसी समय पुलिस प्रमुख राजीव कुमार को भी उनके पद से हटाया गया था।
हालांकि प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी राज्य के मुख्य सचिव को चुनाव के दौरान हटाना काफी दुर्लभ कदम माना जाता है, जिससे इस फैसले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।











