निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पशु तस्करी से जुड़े एक मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि पशु तस्करी के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित करने वाले एक पत्रकार को ही आरोपी बना दिया गया है।घटना के बाद पत्रकार के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे साजिश करार दिया है।
पशु तस्करी पर लगातार खबरें कर रहे थे पत्रकार
जानकारी के अनुसार टीवी-27 से जुड़े पत्रकार सऊद खान पिछले कुछ समय से जिले में पशु तस्करी के मामलों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे थे।उनकी रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया था कि जिले के कुछ क्षेत्रों में अवैध पशु तस्करी खुलेआम जारी है, जिस पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने पकड़ा था पशुओं से भरा ट्रक
बताया जा रहा है कि हाल ही में ग्रामीणों ने पशुओं से भरा एक ट्रक पकड़कर पुलिस को सौंपा था। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रक के जरिए अवैध पशु तस्करी की जा रही थी।लेकिन जब पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की, तो उसमें कई लोगों के साथ पत्रकार सऊद खान का नाम भी शामिल कर दिया गया।
पत्नी ने लगाए साजिश के आरोप
एफआईआर के बाद पत्रकार की पत्नी रोकड्या खातून ने प्रशासन को आवेदन देकर दावा किया है कि उनके पति को रंजिशन इस मामले में फंसाया गया है।उनका कहना है कि घटना के समय उनके पति सिंगरौली में मौजूद ही नहीं थे, बल्कि वह इलाज के लिए उनके साथ भोपाल गए हुए थे।
भोपाल में मौजूदगी के सबूत पेश
रोकड्या खातून के मुताबिक 01 मार्च 2026 को वह अपने पति के साथ सरई रेलवे स्टेशन से धनबाद-भोपाल ट्रेन से भोपाल गई थीं और 02 मार्च की सुबह वहां पहुंचीं।
भोपाल में उन्होंने एम्स अस्पताल में डॉक्टर प्रशांत कुमार राय को सऊद खान को दिखाया और डॉक्टर की सलाह पर सपना सौरभ डायग्नोस्टिक्स में अल्ट्रासाउंड कराया, जिसका भुगतान फोनपे के जरिए किया गया।
उन्होंने बताया कि इलाज के बाद वे अप्पू खाना रेस्टोरेंट में भोजन करने गए और फिर भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचकर रात करीब 9:14 बजे भोपाल-धनबाद ट्रेन से वापस लौटे।03 मार्च की सुबह वे सरई स्टेशन पहुंचे।
दस्तावेज और सीसीटीवी जांच की मांग
पत्रकार की पत्नी का कहना है कि उनके पास एम्स की पर्चियां, डायग्नोस्टिक सेंटर की रसीद, रेस्टोरेंट का बिल, रेलवे टिकट और प्लेटफॉर्म एसी हॉल की पर्ची जैसे दस्तावेज मौजूद हैं।
उन्होंने संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच कराने की भी मांग की है, जिससे यह साबित हो सके कि घटना के समय उनके पति भोपाल में थे।
निष्पक्ष जांच की मांग
रोकड्या खातून ने जिला पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि यदि किसी ने साजिश के तहत उनके पति को फंसाया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।











