रायपुर। Narco Test In Raipur : राजधानी में क्राइम इन्वेस्टिगेशन अब आधुनिक तकनीकों से एक नई दिशा की ओर बढ़ चला है। खरोरा थाने में पिछले एक साल से उलझे खलासी हत्याकांड की जांच अब नाकारे टेस्ट (NARCO Analysis) के जरिए निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है। खास बात यह है कि पहले पुलिस को इस टेस्ट के लिए संदिग्धों को हैदराबाद ले जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा रायपुर में ही उपलब्ध हो गई है।
पानी टंकी में मिली थी लाश, अब मिलेगी जांच को रफ्तार
मामला खरोरा थाना क्षेत्र के सारागांव के पास स्थित एक राइस मिल (फूड एग्रो) का है, जहां एक साल पहले एक ट्रक के साथ आया खलासी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। कुछ घंटों बाद उसकी लाश राइस मिल की पानी की टंकी में मिली थी। शुरू में पुलिस को मामला सामान्य मौत जैसा लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि हत्या है।
पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी सामने आई थी कि खलासी की फैक्ट्री के गार्डों के साथ किसी बात को लेकर बहस और हाथापाई हुई थी। हालांकि, पुख्ता सबूतों के अभाव में पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। अब एक संदेही का नाकारे टेस्ट रायपुर में कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है।
सीएसपी वीरेन्द्र चतुर्वेदी के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद मामले में बड़ी कार्रवाई संभव है।
अब अभनपुर नहर हत्या केस की भी बारी
इधर, रायपुर के ही अभनपुर थाना क्षेत्र में एक बालक की नहर में संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में भी पुलिस इसी तकनीक का सहारा लेने जा रही है। थाना प्रभारी ने नाकारे टेस्ट के लिए तारीख मांगी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस टेस्ट के बाद यह केस भी सुलझ सकता है।
रायपुर में जनवरी से शुरू हुई सुविधा, जांच में मिल रही मदद
राजधानी में जनवरी 2025 से ही नाकारे टेस्ट की सुविधा लोकल लेवल पर शुरू हो गई है, जिससे पुलिस की जांच प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक हो गई है। जहां पहले समय और लागत बढ़ जाती थी, वहीं अब रायपुर में यह सुविधा मिलने से जांच अधिकारी तत्काल निर्णय ले पा रहे हैं।
अब देखना यह है कि रायपुर में उपलब्ध यह तकनीकी सुविधा छत्तीसगढ़ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन को कितनी दूर तक पहुंचा पाती है और कितने पुराने केस इससे हल हो पाते हैं।













