भोपाल: राजधानी भोपाल में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बड़े तालाब सहित शहर के 18 प्रमुख तालाबों पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहली बार 19 सदस्यीय विशेष टास्कफोर्स का गठन किया गया है।
19 सदस्यीय टीम करेगी कार्रवाई
इस टास्कफोर्स में 17 प्रशासनिक अधिकारी और 2 पर्यावरणविद शामिल किए गए हैं। टीम में 2 अपर आयुक्त, 1 ज्वाइंट कलेक्टर, 2 डिप्टी कलेक्टर, 4 एसडीएम और एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
Read More : M.P News : होली से पहले प्रदेश में थम सकते हैं बसों के पहिये, डेढ़ लाख यात्री हो सकते हैं प्रभावित
हर 15 दिन में समीक्षा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्रवाई प्रभावी और निरंतर बनी रहे।
बड़े तालाब के आसपास 225 अतिक्रमण
प्रारंभिक सर्वे में सामने आया है कि केवल बड़े तालाब के आसपास ही 225 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
तालाब संरक्षण पर फोकस
भोपाल को ‘झीलों की नगरी’ कहा जाता है। ऐसे में जल स्रोतों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाकर तालाबों के मूल स्वरूप को संरक्षित किया जाएगा।इस पहल को राजधानी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











