Rewa Road Accident Violence : रीवा (24 फरवरी 2026): रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। नेशनल हाईवे 39 पर हुए एक सड़क हादसे के बाद भड़की भीड़ ने चिरहुला नाथ फिलिंग स्टेशन में जमकर तोड़फोड़ की, लेकिन पुलिस इस मामले में नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है।
CCTV में कैद हुई तोड़फोड़, फिर भी कार्रवाई नहीं पेट्रोल पंप संचालक ने पत्रकार वार्ता के दौरान सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सड़क हादसे के बाद आदर्श पांडे और उनके दो अन्य साथियों ने पेट्रोल पंप पर हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने न केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, बल्कि वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट भी की। यह पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
पुलिस का ‘सौदा’: चक्काजाम के नाम दोगे तो होगी FIR हैरान करने वाली बात यह है कि जब संचालक न्याय की गुहार लेकर पुलिस के पास पहुँचे, तो पुलिस ने एक अजीब शर्त रख दी। संचालक का आरोप है कि पुलिस ने कहा—“आवागमन अवरुद्ध (चक्काजाम) करने वाले 11 लोगों के नाम लिखाओ, तभी तोड़फोड़ करने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी।” पुलिस के इस रवैये से संचालक और स्थानीय व्यवसायियों में भारी आक्रोश है।
हादसे से भड़का था गुस्सा विवाद की जड़ कुछ दिन पहले हुई एक सड़क दुर्घटना है। गुढ़ हाईवे पर एक ऑटो और यूपी पासिंग स्कॉर्पियो की भिड़ंत में गणेश शंकर पांडे नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक के प्रति नाराजगी जाहिर करने के बजाय भीड़ ने पास के पेट्रोल पंप को निशाना बना लिया।
कानून व्यवस्था पर सवाल पेट्रोल पंप प्रबंधन ने अब जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। नामजद आरोपियों पर कार्रवाई न होना और पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता पर ही अन्य लोगों को फंसाने का दबाव बनाना, जिले की पुलिसिंग पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।











