निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : हाल ही में General Addiction जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी “Addictive Potential of Ultra-Processed Foods” में दावा किया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स दिमाग पर ऐसा असर डाल सकते हैं, जिससे इन्हें बार-बार खाने की आदत बन जाती है।वैज्ञानिकों के अनुसार, इनका प्रभाव कुछ हद तक तंबाकू या निकोटिन की लत जैसा हो सकता है।
कैसे काम करता है दिमाग का रिवार्ड सिस्टम?
रिसर्च के मुताबिक जब कोई व्यक्ति चिप्स, कोल्ड ड्रिंक या अन्य प्रोसेस्ड फूड का सेवन करता है, तो दिमाग में डोपामिन जैसे केमिकल रिलीज होते हैं।
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डोपामिन खुशी और संतुष्टि का एहसास कराता है
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बार-बार सेवन से दिमाग उस अनुभव को दोहराना चाहता है
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इससे क्रेविंग बढ़ती है
ठीक इसी तरह की प्रक्रिया तंबाकू के सेवन में भी देखी जाती है।
क्यों लगती है जल्दी आदत?
इन फूड्स में नमक, चीनी और फैट का खास मिश्रण होता है, जो स्वाद को बेहद आकर्षक बनाता है।
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तुरंत संतुष्टि
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कम समय में दोबारा भूख या इच्छा
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ज्यादा मात्रा में खाने की प्रवृत्ति
बच्चों और युवाओं में यह आदत तेजी से बढ़ती देखी जा रही है, जो भविष्य में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
क्या हो सकते हैं नुकसान?
अधिक मात्रा में प्रोसेस्ड फूड के सेवन से:
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मोटापा
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डायबिटीज
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हाई ब्लड प्रेशर
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दिल की बीमारियों का खतरा
इनमें पोषक तत्व कम और नमक, चीनी व अनहेल्दी फैट ज्यादा होते हैं।
कैसे करें बचाव?
- पैक्ड फूड सीमित मात्रा में खाएं
- खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें
- नमक और चीनी की मात्रा जांचें
- घर का बना ताजा और संतुलित भोजन लें
- फल, सब्जियां और साबुत अनाज डाइट में शामिल करें
- धीरे-धीरे जंक फूड कम करने की आदत डालें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित खानपान और जागरूकता से इस आदत को नियंत्रित किया जा सकता है।













