Rahul Gandhi Bhiwandi Court : भिवंडी (महाराष्ट्र)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले स्थित भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए। यह मामला साल 2014 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। अदालत में राहुल गांधी की यह पेशी तकनीकी कारणों से अनिवार्य हो गई थी, क्योंकि उनके पुराने जमानतदार और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का पिछले साल निधन हो गया था। उनके स्थान पर अब महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नया जमानत बॉन्ड दाखिल किया है।
क्या है पूरा मामला? यह विवाद 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान शुरू हुआ था। सोनाले गांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि “महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।” इस बयान के खिलाफ आरएसएस स्वयंसेवक राजेश कुंते ने आईपीसी की धारा 500 (मानहानि) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। कुंते का आरोप है कि इस ‘झूठी टिप्पणी’ से संघ की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास किया गया।
‘माफी मांगने का सवाल ही नहीं’ अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने कहा, “माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। आज की प्रक्रिया केवल जमानत की औपचारिकताओं (फ्रेश सिक्योरिटी) को पूरा करने के लिए थी। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।” सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार अब इस मामले की सुनवाई तेज गति से मार्च में शुरू होगी।
काले झंडे और राजनीतिक तनाव राहुल गांधी के भिवंडी दौरे के दौरान भारी राजनीतिक ड्रामा भी देखने को मिला। मुलुंड टोल नाके के पास भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए। भाजपा का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन एआई (AI) शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन का जवाब है। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी राहुल गांधी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।













