निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : देश-दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि Jio अगले सात वर्षों में AI सेक्टर में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह घोषणा AI इंडिया इम्पैक्ट समिट के दौरान की गई।
भारत बनेगा वैश्विक AI शक्ति
अंबानी ने कहा कि यह कोई अनुमान आधारित निवेश नहीं, बल्कि भविष्य की ठोस रणनीति है। उनका मानना है कि 21वीं सदी में भारत दुनिया की सबसे बड़ी AI शक्तियों में शामिल होगा।उन्होंने भारत की ताकत को डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी, डेवलपमेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा जैसे स्तंभों से जोड़ा।
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डेटा और इंटरनेट में भारत की बढ़त
रिलायंस चेयरमैन के अनुसार भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता है। करीब 1 अरब इंटरनेट यूजर्स, कम डेटा लागत और देशभर में समान डिजिटल क्वालिटी भारत को AI विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है।
AI की सबसे बड़ी चुनौती क्या?
अंबानी ने कहा कि भारत के पास टैलेंट और कल्पना की कमी नहीं है। AI के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा कंप्यूटिंग क्षमता की कमी और ऊंची लागत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत “इंटेलिजेंस किराए पर” नहीं ले सकता, इसलिए AI की लागत को डेटा की तरह कम करना होगा।
स्टार्टअप इकोसिस्टम देगा ताकत
भारत में 1 लाख से ज्यादा स्टार्टअप और 100+ यूनिकॉर्न मौजूद हैं, जो AI इनोवेशन को तेज करेंगे। अंबानी ने भरोसा जताया कि सुरक्षित और समावेशी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की ओर ले जाएगा।













