Missing Women Madhya Pradesh Statistics : भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने महिलाओं और बच्चियों की गुमशुदगी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक भूरिया ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश से 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं और बच्चियां गायब हुई हैं, जो राज्य की कानून व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
इंदौर में सबसे अधिक मामले
विक्रांत भूरिया ने बताया कि प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर महिलाओं के लापता होने के मामले में सबसे शीर्ष पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जो जानकारी साझा की है, उसके अनुसार ही करीब 50 हजार महिलाएं ऐसी हैं जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह आंकड़ा केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों के दुख को दर्शाता है जिनकी बेटियां आज भी घर नहीं लौटी हैं।
जनवरी 2026 के डराने वाले आंकड़े
विधायक ने हालिया स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि केवल जनवरी 2026 के एक महीने के भीतर ही प्रदेश से 3 हजार बच्चियां लापता हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक महीने में इतनी बड़ी संख्या में बच्चियां गायब हो रही हैं, तो सरकार के ‘बेटी बचाओ’ और सुरक्षा के दावों का क्या आधार है?
सरकार की जवाबदेही पर सवाल
विक्रांत भूरिया ने अपनी बाइट में कहा कि सरकार केवल कागजों पर विकास और सुरक्षा की बात कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मानव तस्करी और अपहरण जैसे मामलों पर कोई लगाम नहीं है। उन्होंने मांग की है कि लापता महिलाओं और बच्चियों की तलाश के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए और इसके पीछे के कारणों का खुलासा किया जाए।
विक्रांत भूरिया, कांग्रेस विधायक, मप्र
“मध्य प्रदेश आज महिला अपराध और गुमशुदगी का टापू बन गया है। पिछले 5 सालों में 2 लाख 65 हजार महिलाओं और बच्चियों का गायब होना कोई सामान्य बात नहीं है। अकेले जनवरी 2026 में 3 हजार बच्चियां लापता हुईं। सरकार स्वीकार कर रही है कि 50 हजार महिलाएं अब भी नहीं मिली हैं। सबसे बुरा हाल इंदौर का है। हम सदन से सड़क तक इस मुद्दे को उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।”













