निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय के लगभग 35 छात्रों ने अपने ही हाथों को ब्लेड, पिन और कांटों से काट लिया। यह घटना कुरूद ब्लॉक के दहदहा गांव स्थित शासकीय स्कूल की बताई जा रही है, जिसने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
दो महीने से जारी था खतरनाक सिलसिला
स्कूल प्राचार्य पुनीत राम साहू के अनुसार छठवीं से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं पिछले करीब दो महीनों से एक-दूसरे की नकल करते हुए इस तरह का जोखिमभरा कदम उठा रहे थे। कई बच्चों के हाथों पर कट के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत परिजनों को बुलाकर चर्चा की।
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परिजनों और स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर स्कूल को अधिक ध्यान देना चाहिए था। वहीं यह भी माना जा रहा है कि घर पर पर्याप्त निगरानी न होना भी एक कारण हो सकता है। इस घटना ने बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति, साथियों के प्रभाव और सोशल व्यवहार जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा छेड़ दी है।
प्रशासन ने शुरू की जांच और काउंसलिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
बच्चों की सुरक्षा बना सबसे बड़ा सवाल
इस घटना ने स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, निगरानी व्यवस्था और अभिभावक-शिक्षक समन्वय की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पता चल सके कि आखिर बच्चों ने ऐसा खतरनाक कदम क्यों उठाया।













